- होर्मुज स्ट्रेट में भू-राजनीतिक संकट के कारण भारत की प्राकृतिक गैस आपूर्ति में लगभग तीस प्रतिशत की कमी आई है
- सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और सार्वजनिक परिवहन को पूरी गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आदेश लागू किया है
- औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को गैस की खपत में बीस प्रतिशत कटौती करनी होगी
होर्मुज स्ट्रेट में पैदा हुए भू-राजनीतिक संकट के कारण भारत की प्राकृतिक गैस आपूर्ति में तीस प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है. इन हालातों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश लागू कर दिया है.इस नए आदेश के तहत सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और सार्वजनिक परिवहन को सबसे बड़ी राहत दी है. इसके तहत घरों में पाइप से पहुंचने वाली रसोई गैस और वाहनों के लिए सीएनजी की शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है. यह आम जनजीवन को प्रभावित न करने के उद्देश्य से किया गया है.
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इन लोगों को गैस में करनी होगी 20 % की कटौती
हालांकि इसके बाद औद्योगिक क्षेत्र के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण हो गई हैं. गैस ग्रिड से जुड़े चाय बागानों और विनिर्माण उद्योगों को अब उनके पिछले छह महीनों के औसत का केवल अस्सी प्रतिशत हिस्सा ही आवंटित किया जाएगा. यही नियम अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक गैस उपभोक्ताओं पर भी लागू किया गया है, जिन्हें अपनी जरूरतों में बीस प्रतिशत की कटौती करनी होगी.
उर्वरक संयंत्रों की गैस आपूर्ति 30 % घटी
कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उर्वरक संयंत्रों पर भी इस संकट का असर पड़ा है और उनकी आपूर्ति घटाकर सत्तर प्रतिशत कर दी गई है. इससे खाद उत्पादन पर दबाव बढ़ने की आशंका है. सबसे अधिक प्रभाव रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर देखा जा रहा है, जहां आपूर्ति में सीधे पैंतीस प्रतिशत की कटौती की गई है. सरकार इस भारी कमी को पूरा करने के लिए अब होर्मुज के बजाय वैकल्पिक समुद्री मार्गों और नए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से गैस की खरीद कर रही है ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा को कायम रखा जा सके.
देश के कई शहरों में LPG गैस की किल्लत
अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी जंग के बीच देश के कई शहरों में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें सामने आ रही हैं. बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली समेत कई शहरों में कमर्शिल गैस की इतनी किल्लत है कि होटल-रेस्तरां वाले परेशान हैं. वे नहीं जानते कि उनका स्टॉक कितने दिन चलेगा. इस वजह से का बंद करने की नौबत तक आने वाली है. वहीं गरेलू गैस को लेकर भी लोग परेशान है. महाराष्ट्र के कोल्हापुर और रत्नागिरि में तो सिलेंडर लेने के लिए लोग लंबी कतारों में खड़े हैं. उनको डर है कि कहीं सिलेंडर मिलना बंद न हो जाए.













