- NASA के आर्टिमिस II मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने मिल्की वे आकाशगंगा की खूबसूरत तस्वीरें साझा की हैं
- इस तस्वीर में मिल्की वे की सर्पिल संरचना और तारों की केंद्रीय पट्टी के भुजाओं को स्पष्ट रूप से दिखाया गया है
- पृथ्वी आकाशगंगा की सर्पिल भुजाओं में से एक पर स्थित है और इसका केंद्र से लगभग आधा दूरी पर होना बताया गया है
NASA के आर्टिमिस-2 के क्रू ने अपने मिशन के दौरान पृथ्वी और आकाशगंगा की जो तस्वीरें शेयर की हैं वो बेहद आकर्षक हैं.आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों ने मंगलवार (7 अप्रैल) को हमारी आकाशगंगा, मिल्की वे का एक बेहद खूबसूरत नज़ारा कैमरे में कैद किया, जो गहरे अंतरिक्ष में फैली हुई है. यह तस्वीर, जो चंद्रमा के सफल फ्लाईबाई के बाद ली गई थी, तारों से भरे एक क्षेत्र को दिखाती है जिसमें हज़ारों तारे और धूल के चमकते बादल मौजूद हैं.
NASA ने इस जादुई मिल्की वे को एक्सप्लेन करते हुए कैप्शन भी लिखा है. इस कैप्शन में NASA ने लिखा है कि मिल्की वे की खूबसूरत सर्पिल संरचना में मुख्य रूप से सिर्फ़ दो भुजाएं हैं, जो तारों की एक केंद्रीय पट्टी के सिरों से निकलकर उसे घेरे हुए हैं. 100,000 प्रकाश-वर्ष से भी ज़्यादा क्षेत्र में फैली इस आकाशगंगा की सर्पिल भुजाओं में से ही एक पर पृथ्वी स्थित है, जो इसके केंद्र से लगभग आधी दूरी पर है.
इस तस्वीर में, पृथ्वी के वायुमंडल की गैर-मौजूदगी की वजह से अनगिनत तारे बहुत तेज़ी से चमक रहे हैं. यह शांत तस्वीर हमारे ग्रह से परे ब्रह्मांड की खूबसूरती को दिखाती है.NASA की इन तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर कई रोचक कमेंट्स भी आ रहे हैं.
कमेंट सेक्शन में एक यूज़र ने लिखा कि मैं पिछले 5 दिनों से इसे जी रहा हूँ; मैं अपने नेचुरल साइंस और ज्योग्राफी की क्लास के दिनों में वापस चला गया हूँ, ये मुझे बहुत खुश करते हैं! मैं इसे जी पाने के लिए बहुत शुक्रगुज़ार हूँ.
एक और यूज़र ने लिखा कि हम सब एक ही तारे के कणों से बने हैं. इस ऐतिहासिक मिशन पर पूरी इंसानियत को एक साथ लाने के लिए आर्टेमिस क्रू और NASA का शुक्रिया! मेरे जैसे स्पेस कैंप के बच्चों के लिए यह बहुत प्रेरणादायक है!एक यूज़र ने तो इसे बस "जन्नत जैसा नज़ारा" ही कह दिया.
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