टीएमसी और उसके सहयोगी दलों को कुल मिलाकर लगभग अड़तीस प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है, जो पिछली बार से कम है मुस्लिम मतदाताओं का बहुमत टीएमसी के पक्ष में है, जबकि बीजेपी को मुस्लिम वोटों का आठ प्रतिशत समर्थन मिल सकता है एससी और ओबीसी वर्गों में बीजेपी को अधिक समर्थन मिला है, जिससे उसकी सीट संख्या बढ़ने की संभावना है