बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री का नया बयान वायरल हो रहा है. इसमें धीरेंद्र शास्त्री कहते दिख रहे हैं कि केवल सीता-राम कहने से धर्म नहीं बचेगा... अगर हिंदुत्व को बचाना है तो मठ से बाहर निकलना पड़ेगा और माला के साथ भाला भी रखना पड़ेगा. धीरेंद्र शास्त्री ने ये बात भले ही आत्मरक्षा के संदर्भ में कही हो, लेकिन इस पर सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में ये जानना भी दिलचस्प होगा कि पहले कौन-कौन से धर्मगुरु इस तरह के विवादित बयान दे चुके हैं.
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा है?
बागेश्वर बाबा के नाम से चर्चित धीरेंद्र शास्त्री ने मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गढ़ा में 301 कन्याओं के विवाह समारोह के दौरान ये बयान दिया. वायरल वीडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं कि भारत के संविधान में आत्मरक्षा का अधिकार दिया गया है. युवाओं को जूडो, कराटे, तीरंदाजी और तलवारबाजी वगैरा सीखनी चाहिए. मुसीबत के समय ये काम आएगा.
उन्होंने आगे कहा कि मठ में बैठकर सीता राम सीता राम कहना ठीक है, लेकिन मठ में बैठकर धर्म की रक्षा नहीं की जा सकती, इसके लिए मठ से बाहर आना होगा. अगर हिंदुत्व को बचाना है तो मठ से बाहर निकलना पड़ेगा और माला के साथ भाला भी रखना पड़ेगा. धीरेंद्र शास्त्री इससे पहले भी कई मौकों पर विवादित बयान दे चुके हैं.
धर्मगुरुओं के विवादित बोल
- कालीचरण महाराज (जनवरी, 2026) - पहचान छिपाकर एक हिंदू लड़की से धोखे से शादी की और फिर उसे छोड़कर भाग गया. यह घटना उन मामलों में से है, जहां झूठे रिश्तों में फंसाकर लड़कियों का विश्वास तोड़ा जा रहा है.
- अनिरुद्धाचार्य (जनवरी, 2026)- हिंदुओं ने संख्या नहीं बढ़ाई तो काट दिए जाएंगे… बॉलीवुड लव जिहाद फैला रहा है.
- अनिरुद्धाचार्य (जनवरी, 2026)- 100 हिंदुओं के बीच एक मुसलमान सुरक्षित है, लेकिन 100 मुसलमानों के बीच एक हिंदू सुरक्षित नहीं है.
- साध्वी प्राची (अगस्त 2025) - मुसलमान राखी पर 'फेस्टिवल जिहाद' कर रहे... मुस्लिम विक्रेताओं का बहिष्कार करें.
- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (अगस्त 2025) - भारत के कई इलाकों में हिंदू आबादी तेजी से कम हो रही है... मतांतरण और लव जिहाद के कारण तमाम जगहों पर मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ी है.
- महंत रवींद्र पुरी (जनवरी 2025) – गैर हिंदुओं को चाय, जूस वगैरा की दुकान लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. अगर इन्हें ये दुकानें दी गईं तो ये थूकेंगे, पेशाब करेंगे और हमारे नागा साधु कार्रवाई करने पर मजबूर हो जाएंगे... हमारे मेला की सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखने के लिए गैर-हिंदुओं को दूर रखना आवश्यक है.














