शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. जंतर मंतर पर जारी कई दिनों के विरोध प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपना पद छोड़ने का फैसला लिया. उनके इस्तीफे को लेकर अब मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान तो प्रदर्शन के पहले ही दिन इस्तीफा देने का प्रस्ताव दे चुके थे.
विजयवर्गीय ने की प्रधान की तारीफ
पत्रकारों से इंदौर में बात करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस आंदोलन के पहले दिन से ही प्रधान ने पार्टी चीफ को बता दिया था कि अगर स्थिति बनेगी तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे. उस समय पार्टी चीफ ने ऐसा करने से मना कर दिया था. लेकिन जब स्थिति ऐसी बनी और पार्टी ने उनका इस्तीफा मांगा, प्रधान ने चंद सेकेंड में ही अपना त्यागपत्र दे दिया.
किस साजिश की बात कर रहे कैलाश?
कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने एक अच्छे कार्यकर्ता का उदाहरण पेश किया है. उनके मुताबिक देश विरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए प्रधान ने अपना इस्तीफा दिया. विजयवर्गी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत में भी बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी स्थिति बनाने की साजिश थी, ऐसे में वे प्रधान के इस फैसले का स्वागत करते हैं.
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विपक्ष पर साधा निशाना
अब कैलाश विजयवर्गीय ने एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ की तो वहीं दूसरी तरफ उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव में मिली करारी हार के बाद विपक्ष पूरी तरह टूट चुका था, उसे तो बस कॉकरोच जनता पार्टी में एक उम्मीद की किरण दिखाई दी. विजयवर्गीय के अनुसार आंदोलन तो छात्रों का था, कांग्रेस सिर्फ पीछे खड़ी हो गई.