- दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में भीषण आग लगने के बाद होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया गया है.
- इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मृत्यु हुई है जबकि कई अन्य घायल हैं और पुलिस जांच जारी है.
- एम्स ट्रॉमा सेंटर में आग से घायल 13 लोगों को भर्ती कराया गया जिनमें से अधिकांश दिल्ली पुलिसकर्मी हैं.
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया है. इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं. पुलिस ने मामले में गैर इरादतन हत्या सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. जांच एजेंसियां होटल में अग्नि सुरक्षा और लाइसेंस संबंधी नियमों के संभावित उल्लंघनों की पड़ताल कर रही हैं.
भीषण अग्निकांड के मामले में होटल के मालिक के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था, ताकि वह देश छोड़कर फरार न हो सके. इसके साथ ही पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं, जिससे घटना की जिम्मेदारी और लापरवाही तय की जा सके.
इस बीच, एम्स दिल्ली ने हादसे में घायल लोगों को लेकर जानकारी साझा की है. एम्स ट्रॉमा सेंटर में कुल 13 लोगों को लाया गया था. इनमें तीन लोग ऐसे थे जिन्होंने आग से बचने के लिए होटल की ऊंचाई से छलांग लगा दी थी. अस्पताल के अनुसार, ऊंचाई से गिरने वाले तीन घायलों में से दो को फ्री कर दिया गया. दोनों की हालत स्थिर बताई गई है. वहीं, गंभीर सिर की चोट से पीड़ित एक महिला का ऑपरेशन किया गया है और उसकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है.
लवकेश बजाज ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने अपने होटल का कारोबार बढ़ाने के लिए कमरों की संख्या में इजाफा किया था. उसके मुताबिक मालवीय नगर और साकेत इलाके में कई बड़े और नामी अस्पताल हैं, जिनमें MAX अस्पताल प्रमुख है. यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन उनके तीमारदारों के ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होती. इसी वजह से आसपास के होटलों में इन तीमारदारों को कम दरों पर रहने की सुविधा मिल जाती है, जिससे उसका व्यवसाय तेजी से बढ़ा. लवकेश ने यह भी कहा कि उसे ऐसी किसी घटना का कोई अंदाजा नहीं था.
दिल्ली के मुख्यमंत्री ऑफिस ने बयान जारी कर कहा कि मालवीय नगर स्थित गेस्ट हाउस में हुई भीषण आग के लिए जिम्मेदार सभी लापरवाहियों की गंभीरतापूर्वक जांच की जाएगी और दोषियों को सजा दी जाएगी. इस मामले में मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया गया है और संपत्ति के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. शहर भर में अवैध संपत्तियों, अनधिकृत गेस्ट हाउसों और अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. ऐसे परिसरों को सील कर कानून के अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
The lapses that culminated in the tragic fire at a guest house in Malviya Nagar will be examined with utmost seriousness, and accountability will be fixed wherever it lies.
— CMO Delhi (@CMODelhi) June 3, 2026
A Magisterial Inquiry has been ordered and an FIR has been registered against the owner of the property.…
21 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी
एम्स ने यह भी बताया कि ट्रॉमा सेंटर में भर्ती 13 घायलों में से 10 दिल्ली पुलिसकर्मी थे, जो बचाव अभियान में शामिल थे. ये पुलिसकर्मी सबसे पहले जलती हुई इमारत में दाखिल हुए थे और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे थे. सभी पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है और उन्हें जल्द छुट्टी दी जा सकती है. अस्पताल को तीन अज्ञात शव भी मिले हैं, जिन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए बर्न्स एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग में भेजा गया है. गौरतलब है कि बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे होटल के बेसमेंट में संचालित एक रेस्तरां से आग लगने की आशंका जताई जा रही है. देखते ही देखते आग पूरी बहुमंजिला इमारत में फैल गई. बचाव दलों ने 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन 21 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी.
अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में लाइबेरिया, नाइजीरिया, मोजाम्बिक और बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल हैं. दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा और आपदा प्रबंधन टीमों ने कई घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाया, जो दोपहर के आसपास पूरा हुआ. अब होटल मालिक की गिरफ्तारी के बाद जांच का फोकस इस बात पर है कि क्या होटल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी और क्या लापरवाही के कारण यह हादसा इतना भयावह रूप ले सका.
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