MCD अधिकारियों का दुकानदारों से धर्मांतरण शुल्क मांगना 'अनुचित': आप

राजेंद्र नगर के विधायक ने आरोप लगाया कि पिछले एक सप्ताह से भाजपा नेता और उनके अधिकारी (एमसीडी अधिकारी) धर्मांतरण शुल्क नहीं देने पर व्यापारियों को दुकानें सील करने और जुर्माने की धमकी दे रहे हैं.

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अभी तक एमसीडी चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की गई है.
नई दिल्ली:

आप ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा नीत दिल्ली नगर निगम ने शहर के औद्योगिक क्षेत्रों के दुकानदारों को नोटिस भेजकर ''अनुचित'' धर्मांतरण शुल्क देने को कहा है, ऐसा नहीं करने पर उनके प्रतिष्ठानों को सील कर दिया जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा. आम आदमी पार्टी (आप) के नेता दुर्गेश पाठक ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह भाजपा द्वारा व्यापारियों से "जबरन वसूली" करने का एक प्रयास है.

उन्होंने कहा, "दिल्ली भर के हजारों व्यापारियों को ऐसे नोटिस भेजे गए हैं, जिनमें 1-5 करोड़ रुपये के धर्मांतरण शुल्क के भुगतान की मांग की गई.है" उन्होंने एक फर्नीचर दुकान मालिक को मिला एक ऐसा नोटिस भी दिखाया. राजेंद्र नगर के विधायक ने आरोप लगाया कि पिछले एक सप्ताह से भाजपा नेता और उनके अधिकारी (एमसीडी अधिकारी) धर्मांतरण शुल्क नहीं देने पर व्यापारियों को दुकानें सील करने और जुर्माने की धमकी दे रहे हैं. 

एमसीडी चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "जब आपका (भाजपा) जाने का समय आ गया है, तो आपने दुकानदारों की दुकानों को सील करने के नाम पर उनसे जबरन वसूली की चाल शुरू कर दी है. आम आदमी पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. 

व्यवसायियों को कथित रूप से भेजे गए नोटिसों को "अनुचित" बताते हुए, पाठक ने दावा किया कि बकाया धर्मांतरण शुल्क का भुगतान एक नए प्रावधान पर आधारित है, जिसे 2018 में "पिछले दरवाजे" के माध्यम से नागरिक निकाय द्वारा लाया गया था.

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वहीं आप नेता के दावों और आरोपों पर भाजपा या एमसीडी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. बता दें कि अभी तक एमसीडी चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की गई है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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