रक्षा बजट में 'महा-उछाल': ₹7.8 लाख करोड़ का खजाना खुला, दुश्मनों के होश उड़ाएंगे नए फाइटर जेट और मिसाइलें!

Defence Sector Budget : डिफेंस पेंशन में बढ़ोतरी की गई है. पिछले साल पेंशन के लिए 1.60 लाख करोड़ रुपये थे. इस साल इसे बढ़ाकर 1.71 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है.

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  • निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए कुल 7 लाख 85 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
  • इस बार रक्षा बजट में लगभग पंद्रह प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जो पिछले साल के मुकाबले काफी अधिक है.
  • हथियारों, लड़ाकू विमानों, युद्धपोतों और आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए बजट में 2.19 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं.
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नई दिल्ली:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का आम बजट पेश कर दिया है. इस बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए भले ही अलग से कोई बहुत बड़ा एलान न हो. लेकिन सरकार ने रक्षा बजट में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की है. इस बार डिफेंस सेक्टर के लिए कुल 7 लाख 85 हजार करोड़ रुपये रखे गए हैं. यह पिछले साल के मुकाबले लगभग 15 प्रतिशत ज्यादा है. पिछले साल रक्षा बजट 6 लाख 81 हजार करोड़ रुपये था.

ऐसे तो आमतौर पर हर साल रक्षा बजट में 8 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती थी. लेकिन इस बार बढ़ोतरी इससे कहीं ज्यादा है, जो एक रिकॉर्ड माना जा रहा है.  रक्षा बजट का बड़ा हिस्सा हथियारों, लड़ाकू विमानों, युद्धपोतों और आधुनिक उपकरणों की खरीद पर खर्च होता है. पिछले साल यह राशि 1.80 लाख करोड़ रुपये थी, जिसे 2026-27 में बढ़ाकर 2.19 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. इनमें से विमान और एयरो इंजन के लिए 63,733 करोड़ रुपये हैं और नौसेना के जहाजों और बेड़े के लिए 25,023 करोड़ रुपये. साफ है कि सरकार सेनाओं को और ज्यादा आधुनिक बनाने पर जोर दे रही है. इसके अलावा मंत्रालय के खर्च में हल्की कटौती की गई है जबकि पेंशन में बढ़ोतरी हुई है. 

DRDO के फंड में भी इजाफा

रक्षा मंत्रालय (सिविल) के लिए इस बार 28,554 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल से थोड़ा कम है. यह पैसा मंत्रालय के प्रशासनिक कामकाज और संस्थानों के संचालन में खर्च होता है. वहीं इस बार डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के फंड में भी इजाफा हुआ है. DRDO वो संस्था है जो सेनाओं के लिए नई तकनीक ईजाद और टेस्ट करती है. इस बार के बजट में DRDO का फंड 26 हजार 816.82 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 29 हजार 100.25 करोड़ रुपये कर दिया गया है. इस आवंटन में से, 17,250.25 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा कैपिटल खर्च के लिए आवंटित किया गया है.

वहीं, डिफेंस पेंशन में बढ़ोतरी की गई है. पिछले साल पेंशन के लिए 1.60 लाख करोड़ रुपये थे. इस साल इसे बढ़ाकर 1.71 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. रोजमर्रा के खर्च के लिए ज्यादा फंड दिया जा रहा है. डिफेंस सर्विसेज (रेवेन्यू) यानी सेनाओं के दैनिक खर्च के लिए भी इस बार बड़ा इजाफा किया गया है. पिछले साल: 1.80 लाख करोड़ रुपये इस साल- 2.19 लाख करोड़ रुपये. इस फंड से ईंधन, मरम्मत, राशन, कपड़े और ट्रेनिंग जैसे खर्च पूरे किए जाते हैं, ताकि सेनाएं हर समय तैयार रहें.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बजट जनभावनाओं, जन आकांक्षाओं पर खरा उतरेगा और यह बजट देश की सुरक्षा और विकास के लिए सशक्त बजट है. देश के सभी वर्ग के लोग इस बजट से लाभान्वित होंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की इस बात के लिए काफी प्रशंसा कि रक्षा क्षेत्र के लिए इस वर्ष 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जो पिछले साल से 15% अधिक है.

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