Pauri Garhwal Lok Sabha Seat : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को दावा किया कि कांग्रेस कुछ सालों में डायनासोर की तरह विलुप्त हो जाएगी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष सिंह ने कांग्रेस के अंदर चल रही गुटबाजी को टेलीविजन के रियल्टी शो 'बिग बॉस' के घर में होने वाली लड़ाई से तुलना करते हुए कहा कि पार्टी के नेता रोजाना एक-दूसरे के कपड़े फाड़ रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस से नेताओं का बाहर निकलना जारी है. एक के बाद एक नेता पार्टी छोड़ रहे हैं और भाजपा में शामिल हो रहे हैं. मुझे डर है कि आज से कुछ सालों में कांग्रेस डायनासोर की तरह विलुप्त न हो जाए.''
19 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले पौड़ी लोकसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार अनिल बलूनी के पक्ष में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ‘‘ 2024 के बाद कुछ सालों में अगर हम कांग्रेस का नाम लेंगे तो बच्चे पूछेंगे कि कौन?'' उन्होंने कहा, ‘‘वे (कांग्रेस नेता) हर दिन एक-दूसरे से लड़ रहे हैं. उनकी पार्टी टेलीविजन पर बिग बॉस के घर की तरह हो गई है. रोजाना वे एक -दूसरे के कपड़े फाड़ रहे हैं.''
पौड़ी गढ़वाल सीट का सियासी समीकरण
गढ़वाल संसदीय क्षेत्र में 45% ठाकुर, 30% ब्राह्मण और लगभग 18% अनुसूचित जाति के मतदाता हैं. ऐसे में यहां बीते लोकसभा चुनाव तक जातिगत समीकरण हमेशा से हावी रहे हैं. पौड़ी गढ़वाल की भौगोलिक स्थिति को देखें तो रामनगर, श्रीनगर और कोटद्वार को छोड़कर ज्यादातर हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में ही आता है. इस लोकसभा सीट का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसके क्षेत्र में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के साथ हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा भी आता है.
बीजेपी का है दबदबा
भले ही 1990 से पहले इस सीट पर कांग्रेस एक एकक्षत्र राज रहा हो, लेकिन 90 के दशक के बाद इसे बीजेपी के मजबूत किले के तौर पर देखा जाने लगा है. यहां से बीजेपी नेता जनरल बीसी खंडूड़ी सबसे ज्यादा पांच बार सांसद रहे हैं. उन्होंने 1991 से लेकर 2014 तक लगातार इस सीट पर जीत हासिल की है. इस सीट से बीच में दो बार कांग्रेस की भी जीत हुई है और दोनों ही बार सतपाल महाराज ने चुनाव जीता है. सतपाल अभी बीजेपी में आ गए हैं और कैबिनेट मंत्री हैं.