कल 'मन' मिले और आज राहुल की तारीफ में थरूर के कसीदे... समझिए इस 'पॉलिटिकल टर्न' के पीछे की कहानी

थरूर ने राहुल गांधी की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि हर कोई पसंद करता है, क्योंकि वह देश में सांप्रदायिकता, नफरत और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लगातार बोलते रहते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • शशि थरूर, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच हुई दो घंटे की बैठक ने कांग्रेस में एकजुटता का संकेत दिया.
  • थरूर ने राहुल गांधी की ईमानदारी और देश में सांप्रदायिकता के खिलाफ उनकी सशक्त आवाज की प्रशंसा की.
  • थरूर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ कभी कोई गलत टिप्पणी नहीं की है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में पिछले कुछ समय से जिस 'बर्फ' के जमने की खबरें थीं, वह बीते गुरुवार को पिघलती हुई नजर आईं. दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब सांसद शशि थरूर, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ एक मेज पर बैठे. दो घंटे तक चली इस मैराथन बैठक ने न केवल पार्टी के भीतर 'ऑल इज वेल' का संदेश दिया, बल्कि उन अटकलों पर भी विराम लगा दिया जो लंबे समय से थरूर और आलाकमान के बीच दूरियों की कहानी बुन रही थीं.

थरूर के बदले हुए सुर और उनकी तारीफ वाले बयानों से यह स्पष्ट संदेश मिल रहा है कि कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान अब खत्म हो चुकी है. शुक्रवार को पार्टी के नेता राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक ईमानदार व्यक्ति बताया, जो देश में सांप्रदायिकता जैसे विभिन्न मुद्दों पर ‘‘सशक्त आवाज'' हैं.

'राहुल गांधी को हर कोई पसंद करता...'

थरूर ने कहा कि राहुल गांधी को हर कोई पसंद करता है, क्योंकि वह देश में सांप्रदायिकता, नफरत और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लगातार बोलते रहते हैं. तिरुवनंतपुरम के सांसद ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘इस बारे में मेरी कोई अलग राय नहीं है.''

थरूर ने यह भी कहा कि उन्होंने राहुल के खिलाफ किसी भी गलत टिप्पणी से कभी सहमति नहीं जताई और कहा, ‘‘वह (राहुल) एक ईमानदार नेता हैं.'' उनकी यह टिप्पणी अपनी शिकायतों के निवारण के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से हुई मुलाकात के एक दिन बाद आई है. इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि ‘‘सब ठीक है'' और ‘‘हम साथ-साथ हैं.'' थरूर कोच्चि में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके साथ हुए व्यवहार और केरल में कुछ नेताओं द्वारा उन्हें ‘दरकिनार' करने के प्रयासों से नाराज बताए जा रहे थे.

राहुल गांधी और थरूर के बैठक के क्या मायने? 

राजनीतिक गलियारों में इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुई यह लंबी बैठक दरअसल शशि थरूर को मनाने की एक गंभीर कवायद थी. माना जा रहा है कि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर हाशिए पर रहने या वैचारिक मतभेदों के कारण उपजी थरूर की नाराजगी को दूर करने के लिए आलाकमान ने खुद पहल की है. दो घंटे तक चले इस संवाद का मुख्य उद्देश्य थरूर जैसे प्रभावशाली चेहरे को फिर से मुख्यधारा में पूरी तरह सक्रिय करना था.

ये भी पढ़ें : आज थरूर ने राहुल गांधी को सुना दिए सारे गिले शिकवे, अरसे से टलती बैठक की हैप्पी एंडिग-Inside story

Advertisement
Featured Video Of The Day
बेंगलुरु में पालतू कुत्ते का कहर! सुबह टहल रही महिला पर अचानक हमला, CCTV वायरल