शशि थरूर, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच हुई दो घंटे की बैठक ने कांग्रेस में एकजुटता का संकेत दिया. थरूर ने राहुल गांधी की ईमानदारी और देश में सांप्रदायिकता के खिलाफ उनकी सशक्त आवाज की प्रशंसा की. थरूर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ कभी कोई गलत टिप्पणी नहीं की है.