- कांग्रेस और डीएमके के बीच तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे पर सहमति लगभग पूरी हो गई है
- कांग्रेस ने सरकार में हिस्सेदारी की मांग छोड़ दी है और विधानसभा की 28 सीटों का फार्मूला तय हुआ है
- दोनों दल राज्यसभा की दो सीटों के बंटवारे पर भी सहमत हो गए हैं जिसमें एक सीट अभी और दूसरी बहुमत मिलने पर मिलेगी
होली के मौके पर तमिलनाडु से कांग्रेस-डीएमके आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर खुशखबरी सुनाने वाले हैं. दोनों दलो के बीच सीटों को लेकर फंसा पेंच लगभग हल हो गया है. कांग्रेस-डीएमके आज किसी भी समय विधानसभा चुनाव औक राज्यभा चुनाव को लेकर सीटों के फैसले पर बनी बात को सार्वजनिक कर देंगे. कांग्रेस ने सरकार में हिस्सेदारी की मांग भी छोड़ दी है. इसके पीछे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पहल को माना जा रहा है जिसके बाद दोनों दलों में सहमति बनी है.
ये हुई है डील
कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि कांग्रेस–डीएमके में बात बन चुकी है और इसका ऐलान आज हो सकता है. कांग्रेस ने सरकार में हिस्सेदारी की मांग बी छोड़ दी है. विधानसभा की 28 सीट और राज्यसभा की 2 सीट ( एक अभी, बहुमत मिला तो एक बाद में ) के फार्मूले पर दोनों दल लगभग सहमत हो गए हैं.
आज सुबह पी चिदंबरम सीएम स्टालिन के साथ एक और बैठक करेंगे जिसके बाद सीट बंटवारे का औपचारिक ऐलान होगा.पांच मार्च को राज्यसभा नामांकन का आखिरी दिन है. उससे पहले सीट बंटवारे की बातचीत पूरी करने का दबाव दोनों दलों पर है.
सम्मानजनक गठबंधन चाहते हैं...
अगले महीने होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर रविवार को कांग्रेस आलाकमान ने मंथन भी किया था. इस बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल शामिल थे. कांग्रेस आलाकमान की राय बंटी हुई है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष खरगे विश्वसनीयता का हवाला दे कर पुराने सहयोगी डीएमके के साथ गठबंधन की पैरवी कर रहे हैं तो वहीं राहुल गांधी “सम्मानजनक गठबंधन” चाहते हैं.














