- कांग्रेस ने महाराष्ट्र के बारामती विधानसभा सीट पर अधिवक्ता आकाश विश्वनाथ मोरे को उपचुनाव उम्मीदवार बनाया है.
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आकाश मोरे की उम्मीदवारी को मंजूरी देते हुए आधिकारिक घोषणा की है.
- बारामती सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के कारण खाली हुई थी.
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने महाराष्ट्र विधानसभा के आगामी उपचुनाव के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है. पार्टी ने बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए अधिवक्ता आकाश विश्वनाथ मोरे को उम्मीदवार बनाया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 201-बारामती विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में अधिवक्ता आकाश विश्वनाथ मोरे की उम्मीदवारी को मंजूरी दे दी है. यह फैसला ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लिया गया है. महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने 5 अप्रैल 2026 को इसकी जानकारी दी.
बारामती सीट पूर्व उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजीत पवार के निधन के कारण खाली हुई थी. अजीत पवार की पत्नी और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार एनसीपी की उम्मीदवार हैं, जबकि कांग्रेस ने अब अपना उम्मीदवार उतारकर चुनावी मैदान को दिलचस्प बना दिया है.
बारामती विधानसभा क्षेत्र पुणे जिले में स्थित है और यह पारंपरिक रूप से पवार परिवार का गढ़ माना जाता है. अजीत पवार ने इस सीट पर आठ बार जीत दर्ज की थी. उनके निधन के बाद 23 अप्रैल 2026 को बारामती और राहुरी विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव होने हैं. मतगणना 4 मई 2026 को होगी.
कांग्रेस ने बारामती में उम्मीदवार उतारने का फैसला करके महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के अंदर भी नई बहस शुरू कर दी है. पार्टी का मानना है कि बारामती जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में कांग्रेस की उपस्थिति मजबूत होनी चाहिए. अधिवक्ता आकाश विश्वनाथ मोरे स्थानीय स्तर पर सक्रिय वकील हैं और कांग्रेस पार्टी में युवा चेहरा माने जाते हैं. पार्टी आशा करती है कि वे स्थानीय मुद्दों जैसे किसान समस्याएं, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास कार्यों पर जोर देकर अच्छा प्रदर्शन करेंगे.
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकल ने पहले ही बारामती और राहुरी दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि चुनाव और सहानुभूति दो अलग बातें हैं. कांग्रेस ने बारामती के लिए कई आकांक्षियों के साक्षात्कार भी आयोजित किए थे, जिनके बाद आकाश मोरे का नाम अंतिम रूप से चुना गया.













