- कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण की पहल सबसे पहले कांग्रेस ने की थी
- राजीव गांधी ने जिला परिषद और पंचायत स्तर पर महिलाओं के लिए आरक्षण की सुविधा पहली बार प्रदान की थी
- यूपीए के दौरान कांग्रेस ने सभी दलों से महिला आरक्षण विधेयक पारित कराने की अपील की थी
महिलाओं आरक्षण से जुड़े कानून को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के इरादों पर सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि महिला आरक्षण की पहल सबसे पहले कांग्रेस के कार्यकाल में की गई थी, लेकिन मौजूदा सरकार इसे राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि राजीव गांधी ने सबसे पहले देश में जिला परिषद और जिला पंचायत स्तर पर महिलाओं के लिए आरक्षण की सुविधा मुहैया कराई थी.
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कांग्रेस का दावा: 2029 तक इंतजार की जरूरत नहीं
कांग्रेस नेता ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान कांग्रेस ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की थी कि महिला आरक्षण विधेयकों को पारित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सरकार को महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए 2029 तक इंतजार नहीं करना चाहिए. हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की इस मांग को स्वीकार नहीं किया. अब विधानसभा चुनावों के बीच सरकार इन बिलों को पारित करना चाहती है.
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चुनाव से पहले राजनीतिक लाभ का आरोप
कांग्रेस सांसद ने कहा कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने हैं. खासतौर पर पश्चिम बंगाल में महिलाओं की भूमिका और प्रभाव काफी मजबूत रहता है। यही वजह है कि सरकार पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले महिला आरक्षण बिलों को पारित करना चाहती है।
अखिलेश प्रसाद सिंह का आरोप है कि सरकार विधानसभा चुनावों में इसका राजनीतिक फायदा उठाने के उद्देश्य से महिला आरक्षण बिलों को आगे बढ़ा रही है.














