BJP सांसद अनुराग ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत, SC ने BCCI को लेकर लगा बैन हटाया

यह फैसला मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने दिया.पीठ ने कहा कि अनुराग ठाकुर द्वारा दाखिल उस आवेदन पर सुनवाई कर रही थी. अनुराग ठाकुर ने अपनी याचिका में 2017 के सुप्रीम कोर्ट आदेश के पैरा 25(ii) के तहत लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की थी.

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अनुराग ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत
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  • सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में अनुराग ठाकुर पर लगे BCCI से जुड़े प्रतिबंध को हटा दिया है
  • 2017 के आदेश को आजीवन प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जा सकता है, यह सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक प्रतिबंध जारी रखना अनुपातहीन होगा इसलिए निर्देश वापस लिया गया
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नई दिल्ली:

BJP सांसद अनुराग ठाकुर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने BCCI को लेकर लगे बैन को हटा दिया है. ये बैन 2017 में लगाया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि 2017 का निर्देश आजीवन प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जा सकता. ऐसे में लंबे समय तक प्रतिबंध जारी रहना अनुपातहीन होगा. कोर्ट के इस आदेश के बाद अब अनुराग ठाकुर अब BCCI में किसी भी पद या गतिविधि से जुड़े रहने के लिए पात्र हो पाएंगे. हालांकि, ऐसा करने के लिए अनुराग ठाकुर को मौजूदा नियमों और प्रावधानों का पालन करना होगा. 

सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग ठाकुर पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में किसी भी पद पर रहने से संबंधित लगाए गए प्रतिबंध को हटा दिया है.यह फैसला मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने दिया.पीठ ने कहा कि अनुराग ठाकुर द्वारा दाखिल उस आवेदन पर सुनवाई कर रही थी. अनुराग ठाकुर ने अपनी याचिका में 2017 के सुप्रीम कोर्ट आदेश के पैरा 25(ii) के तहत लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की थी.  

साल 2017 में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश टी.एस. ठाकुर की अगुवाई वाली पीठ ने, लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने में लगातार अवज्ञा के चलते  BCCI अध्यक्ष अनुराग ठाकुर औ BCCI सचिव अजय शिर्के को उनके पदों से हटा दिया था. कोर्ट के आदेश के निर्देश (ii) में कहा गया था कि BCCI अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के तत्काल प्रभाव से BCCI से जुड़े किसी भी कार्य से स्वयं को अलग रखें. 

सुप्रीम कोर्ट ने अब यह स्पष्ट किया है कि 2017 का निर्देश आजीवन प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जा सकता.अदालत ने माना कि लंबे समय तक प्रतिबंध जारी रहना अनुपातहीन होगा। इसी आधार पर कोर्ट ने संबंधित निर्देश को वापस ले लिया. इस आदेश के साथ ही अनुराग ठाकुर अब BCCI में किसी भी पद या गतिविधि से जुड़े रहने के लिए पात्र हो गए हैं, बशर्ते वे मौजूदा नियमों और प्रावधानों का पालन करें. यह आदेश BCCI प्रशासन से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद में एक अहम मोड़ माना जा रहा है.  

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