'मुकदमा खत्म, फैसला आने वाला है', बंगाल पर अमित शाह की चार्जशीट पर TMC का पलटवार

अमित शाह ने कोलकाता में ममता सरकार के खिलाफ चार्जशीट जारी की, जिसमें उन्होंने कहा कि ममता के 15 साल के शासन के दौरान बंगाल देश के लिए ‘‘घुसपैठ, तुष्टीकरण की राजनीति और सीमा पर असुरक्षा का प्रमुख गलियारा’’ बन गया है. ‘

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अमित शाह की बंगाल पर चार्जशीट का TMC का पलटवार
IANS

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर बिगुल बज चुका है. शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ 14 आरोपों वाली चार्जशीट जारी किया, जिसके जरिए अमित शाह ने बंगाल में सत्तारूढ़ टीएमसी पर तीखा हमला बोला. अब टीएमसी ने अमित शाह के आरोपों और हमलों पर पलटवार किया है. टीएमसी सांसद ने अमित शाह पर पलटवार करते हुए कहा कि मुकदमा खत्म हो चुका है और अब फैसले का इंतजार करिए.

टीएमसी ने क्या पलटवार किया?

दरअसल, अमित शाह के तमाम आरोपों और हमलों पर तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार किया है. तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने पलटवार करते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने BJP के खिलाफ एक चार्जशीट तैयार कर ली है और भविष्यवाणी की कि पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा, "मुकदमा खत्म हो चुका है और फैसला आने ही वाला है. बस 4 मई का इंतज़ार कीजिए."

'ममता दीदी ने खेला विक्टिम कार्ड'

बता दें कि कि अमित शाह ने कोलकाता में ममता सरकार के खिलाफ चार्जशीट जारी की, जिसमें उन्होंने कहा कि ममता के 15 साल के शासन के दौरान बंगाल देश के लिए ‘‘घुसपैठ, तुष्टीकरण की राजनीति और सीमा पर असुरक्षा का प्रमुख गलियारा'' बन गया है. ‘ममता दीदी ने हमेशा ‘विक्टिम कार्ड' की राजनीति खेली है. कभी वह अपनी चोट की बात करती हैं, तो कभी निर्वाचन आयोग को भला-बुरा कहती हैं, लेकिन बंगाल की जनता अब ममता दीदी की ‘विक्टिम कार्ड' वाली इस राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है. 

'घुसपैठ का बंगाल आखिरी रास्ता बचा हुआ है'

निर्वाचन आयोग की एसआईआर कवायद का विरोध करने पर अमित शाह ने बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ‘‘अल्पसंख्यक वोट बैंक'' को बचाने के लिए जानबूझकर इस तरह की चीजें कर रही हैं. एसआईआर अन्य राज्यों में भी हुआ है, लेकिन कहीं भी इसे इतना बड़ा मुद्दा नहीं बनाया गया. बंगाल में इसे मुद्दा सिर्फ इसलिए बनाया गया है, क्योंकि ममता बनर्जी अपने वोट बैंक को बचाना चाहती हैं. निर्वाचन आयोग जैसे संवैधानिक निकायों का अपमान करना बंगाली संस्कृति का हिस्सा नहीं है. असम में भाजपा के सत्ता में आने के बाद वहाँ से घुसपैठ ‘‘लगभग खत्म हो गई है'', लेकिन अब पश्चिम बंगाल ‘‘आखिरी बचा हुआ रास्ता'' बनकर उभरा है, जिसके ज़रिए घुसपैठिए भारत में प्रवेश करते हैं और अलग-अलग राज्यों में फैल जाते हैं.

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अमित शाह ने आरोप लगाया कि भाजपा देश से घुसपैठियों को बाहर निकालना चाहती है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें एक वोट बैंक के रूप में तैयार करने की कोशिश की है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बंगाल चुनाव न केवल बंगाल के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है. एक तरह से, पूरे देश की सुरक्षा बंगाल चुनाव से जुड़ी हुई है. तृणमूल की घुसपैठ की राजनीति के कारण, सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है. बंगाल के लोगों को यह तय करना है कि वे डर की उस राजनीति को चुनना चाहते हैं जिसका प्रतिनिधित्व तृणमूल कांग्रेस करती है, या उस भरोसे को जिसके लिए BJP खड़ी है. 

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