माता वैष्णो देवी धाम में कुदरत का दिव्य श्रृंगार, बर्फ की चादर में ढक गया मां का भवन

कटरा और आसपास के क्षेत्रों में सीजन की पहली बारिश के साथ हवाओं की रफ्तार भी तेज हो गई है, जबकि माता के भवन और त्रिकुट पर्वत की ऊंचाइयों पर लगातार बर्फबारी हो रही है. मौसम की इन प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एहतियातन यात्रा को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है.

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माता वैष्णो देवी धाम में जमकर हुई बर्फबारी.
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  • जम्मू-कश्मीर के त्रिकुट पर्वत पर माता वैष्णो देवी के दरबार और आसपास भारी बर्फबारी से अलौकिक दृश्य बन गया है.
  • मौसम खराब होने के कारण श्री वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा को निलंबित करने का निर्णय लिया है.
  • प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं को कटरा में ही रोक रखा है और मौसम सामान्य होते ही यात्रा शुरू होगी.
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जम्मू-कश्मीर के त्रिकुट पर्वत पर विराजमान माता वैष्णो देवी के दरबार को आज कुदरत ने अपने हाथों से ऐसा सजा दिया. इसे देखकर हर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठा. माता के भवन और आसपास के इलाकों में हुई भारी बर्फबारी ने पूरे धाम को अलौकिक और मनमोहक रूप दे दिया है. ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो हिमालय की गोद में बसे इस पावन स्थल का श्रृंगार स्वयं प्रकृति ने किया हो.

बर्फबारी और बारिश के चलते यात्रा अस्थायी रूप से निलंबित

कटरा और आसपास के क्षेत्रों में सीजन की पहली बारिश के साथ हवाओं की रफ्तार भी तेज हो गई है, जबकि माता के भवन और त्रिकुट पर्वत की ऊंचाइयों पर लगातार बर्फबारी हो रही है. मौसम की इन प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एहतियातन यात्रा को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है.

प्रशासन ने सुरक्षा कारणों के चलते श्रद्धालुओं को कटरा में ही रोक दिया है. श्राइन बोर्ड का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और मौसम के सामान्य होते ही यात्रा को फिर से सुचारू रूप से शुरू किया जाएगा.

बर्फ से ढका दरबार, तस्वीरों में कैद हुआ अलौकिक दृश्य

सुबह से जारी बर्फबारी ने माता के भवन, पवित्र मार्गों और आस-पास की वादियों को सफेद चादर से ढक दिया है. भवन से सामने आई खूबसूरत तस्वीरों में बर्फ से ढके छज्जे, ध्वज और हिमपात के बीच जगमगाता माता का दरबार किसी दिव्य लोक का दृश्य प्रस्तुत कर रहा है.

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हर तरफ 'जय माता दी' के जयकारों के बीच बर्फ के गिरते फाहे मानो आस्था पर पुष्पवर्षा कर रहे हों.

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पुरानी गुफा और बर्फबारी का दुर्लभ संयोग

इन दिनों भवन पर मौजूद श्रद्धालुओं के लिए यह किसी सौभाग्य से कम नहीं है. दरअसल, माता की प्राचीन गुफा (पुरानी गुफा) के द्वार भी दर्शन के लिए खुले हुए हैं. ऐसे में जो यात्री भवन तक पहुंच चुके हैं, उन्हें माता के आद्य स्वरूप के दर्शन के साथ-साथ कुदरत के इस अद्भुत हिमपात का भी साक्षी बनने का मौका मिल रहा है. श्रद्धालुओं का कहना है कि बर्फबारी के बीच माता के दर्शन जीवनभर की स्मृति बन गए हैं.

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श्रद्धालुओं का उत्साह: ‘आस्था के आगे मौसम भी नतमस्तक'

यात्रा रुकने के बावजूद श्रद्धालुओं के जोश और आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही है. कटरा में रुके यात्रियों का कहना है कि वे श्राइन बोर्ड के फैसले का स्वागत करते हैं, क्योंकि सुरक्षा सबसे जरूरी है. एक श्रद्धालु ने भावुक होकर कहा, 'मौसम चाहे जैसा हो, माता बुलाएंगी तो दर्शन जरूर होंगे. हम यहीं रुककर इंतजार करेंगे.' वहीं एक अन्य यात्री ने कहा, 'आस्था के आगे मौसम कुछ भी नहीं. चाहे जितना समय लगे, हम माता के दर्शन किए बिना नहीं लौटेंगे.'

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मौसम साफ होने पर फिर गूंजेंगे ‘जय माता दी' के जयकारे

प्रशासन और श्राइन बोर्ड लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए हैं. जैसे ही हालात अनुकूल होंगे, यात्रा को फिर से शुरू कर दिया जाएगा. फिलहाल, बर्फ की सफेदी में लिपटा माता वैष्णो देवी धाम श्रद्धा, शांति और दिव्यता का अद्भुत संदेश दे रहा है. यह याद दिलाते हुए कि जब आस्था और प्रकृति एक साथ मुस्कुराती हैं, तो नजारा स्वर्ग-सा हो जाता है.

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