अंकिता भंडारी हत्याकांड: पुलिस का बड़ा बयान- 'कोई VIP नहीं था'... जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी ने कही ये बात

अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है कि मामले में कोई वीआईपी शामिल नहीं था. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भाजपा नेता का नाम आने से विवाद बढ़ा. कांग्रेस ने सीबीआई जांच की मांग की है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलिस ने बताया कि ‘वीआईपी’ कोई वीआईपी नहीं था, बल्कि नोएडा का धमेंद्र कुमार था.
  • धमेंद्र कुमार हत्या से दो दिन पहले क्षेत्र में आया था और वनंत्रा रिजॉर्ट में केवल भोजन के लिए रुका था.
  • सोशल मीडिया पर उर्मिला सनावर के वीडियो में ‘वीआईपी भाजपा नेता’ होने का दावा विवाद बढ़ाने वाला था.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

Ankita Bhandari Murder Case: देहरादून के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में पुलिस ने एक अहम खुलासा किया है. हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शेखर सुयाल ने साफ किया कि इस मामले में जिस ‘वीआईपी' का नाम सामने आया था, वह वास्तव में कोई वीआईपी नहीं था. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और दावों के बीच यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पुलिस ने बताया कौन था ‘वीआईपी'

सुयाल ने बताया कि जांच में जिस व्यक्ति का नाम आया, वह नोएडा का रहने वाला धमेंद्र कुमार उर्फ प्रधान था. वह किसी काम से हत्या से दो दिन पहले क्षेत्र में आया था और वनंत्रा रिजॉर्ट में खाना खाने के लिए कुछ देर रुका था. रिजॉर्ट के रिकॉर्ड और कर्मचारियों से पूछताछ में इसकी पुष्टि हुई.

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद

दरअसल, हाल ही में अभिनेत्री उर्मिला सनावर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अंकिता हत्याकांड में शामिल ‘वीआईपी' भाजपा का नेता है. उन्होंने एक अन्य वीडियो में ‘गटटू' नाम का भी खुलासा किया. इन दावों ने उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मचा दी.

कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग

इन आरोपों के बाद कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए. पार्टी का कहना है कि मामले में पारदर्शिता जरूरी है.

ये भी पढ़ें- अंकिता भंडारी मर्डर केस में नाम उछलने पर भड़के BJP नेता दुष्यंत गौतम, सरकार को पत्र लिख की ये बड़ी मांग

सुयाल की भूमिका और बयान का महत्व

वर्ष 2022 में जब यह हत्याकांड हुआ था, तब शेखर सुयाल पौड़ी जिले में अपर पुलिस अधीक्षक थे. बाद में वे इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी के सदस्य भी रहे. उनका यह बयान सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर काफी अहम माना जा रहा है. 

Advertisement

क्या था पूरा मामला?

2022 में हरिद्वार के पास वनंतारा रिसॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की कथित बलात्कार और हत्या ने उत्तराखंड में अपराध दर को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी थी. जांच में सामने आया कि हत्या का कारण एक वीआईपी मेहमान को ‘एंटरटेन' करने की मांग को ठुकराना हो सकता है, हालांकि आरोपपत्र में इस पहलू का उल्लेख नहीं किया गया.

पुलिस ने रिजॉर्ट के मालिक और उत्तराखंड सरकार में पूर्व मंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य को गिरफ्तार किया. मामला सुर्खियों में आने के बाद बीजेपी ने कार्रवाई करते हुए विनोद आर्य और उनके बेटे अंकित आर्य को पार्टी से निलंबित कर दिया था.

Advertisement

ये भी पढ़ें- अंकिता भंडारी मर्डर केस की पूरी कहानी, 'स्पेशल सर्विस' वाले VIP का नाम नहीं आया सामने

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Delhi Triple Murder: बेटे ने खिलाए Poison Laddoos, फिर Family Members का किया बेरहमी से Murder