हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी सहित 162 लोग बने भारतीय, अमित शाह ने सौंपे नागरिकता प्रमाण पत्र

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार में नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत चार शरणार्थियों को मंच से नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे, जबकि शेष 158 लोगों को भी इस अवसर पर भारतीय नागरिकता दी गई.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • हरिद्वार में पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 हिंदू और सिख शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई.
  • केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत चार शरणार्थियों को मंच से प्रमाण पत्र सौंपे.
  • शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दिलाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सीमा जागरण मंच की खास भूमिका रही.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
हरिद्वार :

उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 हिंदू और सिख शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत चार शरणार्थियों को मंच से नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे, जबकि शेष 158 लोगों को भी इस अवसर पर भारतीय नागरिकता दी गई. इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने का आह्वान किया. 

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू और सिख शरणार्थी थे, जिन्‍हें इस कार्यक्रम में भारत की नागरिकता का प्रमाण पत्र दिया गया. यह सभी 162 शरणार्थी उत्तराखंड में रहते हैं. 

ये भी पढ़ें: 'केदारनाथ से कन्याकुमारी तक, घुसपैठियों को चुन-चुनकर बाहर करेंगे': उत्तराखंड में अमित शाह ने फिर दोहराया

अत्‍याचार के बाद भारत आए थे ये लोग 

यूथ फाउंडेशन के संस्थापक रिटायर्ड कर्नल अजय कोठियाल ने एनडीटीवी से बातचीत में बताया कि यह सभी हिंदू और सिख शरणार्थी लंबे समय से भारत में रह रहे थे और उनके सभी वैलिड डॉक्‍यूमेंट तैयार करवाए गए. 

कोठियाल ने बताया कि भारत में रह रहे हिंदू-सिख शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दिलाने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सीमा जागरण मंच ने काम शुरू किया था. उन्‍होंने बताया कि बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों पर न सिर्फ धार्मिक रूप से बल्कि अन्य तरीकों से भी अत्याचार होता था. किसी के सामने उसके पिता की हत्या कर दी गई तो कोई वहां से इसलिए छोड़ आया क्योंकि वहां पर महिलाओं पर अत्याचार होता था. महिलाओं का शोषण किया जाता था और जबरदस्‍ती धर्म बदलकर शादी की जाती थी. 

ये भी पढ़ें: 'कांग्रेस की सरकार होती तो नौकरी नहीं मिलती', हरिद्वार में अमित शाह का हमला

CAA के तहत भारतीय नागरिकता के लिए ये जरूरी 

CAA के तहत भारत की नागरिकता पाने के लिए  31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में प्रवेश का प्रमाण, मूल देश जिसमें  अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान का होने का सबूत, धार्मिक उत्पीड़न का विवरण और भारतीय निवास का सबूत जैसे पासपोर्ट, वीजा, जन्म प्रमाण पत्र या शैक्षणिक दस्तावेज आवश्यक हैं. 

Advertisement

हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी भी शामिल

हरिद्वार में जिन लोगों को मंच पर भारत की नागरिकता का प्रमाण पत्र दिया गया है, उसमें पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित सि‌द्धपीठ हिंगलाज माता मंदिर के पुजारी परिवार से जुड़े शैलेश भी शामिल हैं. शैलेश पूर्व में पाकिस्तान के नुश्कि में रहते थे और वर्तमान में ऋषिकेश में रह रहे हैं. जसपाल कुमार, पाकिस्तान के भट्ट ग्राम में रहते थे और वर्तमान में देहरादून में रहते हैं. वहीं दुर्गा नाथ टी राजपूत पाकिस्तान के कराची में रहते थे और पाकिस्तान महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न से तंग आकर भारत में आए थे. साथ ही अफगानिस्तान से आई हंसेरी बाई को भी मंच पर नागरिकता का प्रमाणपत्र दिया गया. हंसेरी बाई अफगानिस्तान के खोस्त मैं रहती थी और वर्तमान में देहरादून के पटेल नगर में रहती है. 

इन जगहों के लोगों को मिली है भारतीय नागरिकता 

इन लोगों के साथ जिन लोगों को भारत की नागरिकता मिली है, उनमें से पाकिस्‍तान के भट्ट ग्राम, नुश्कि, कुर्रम, मानसहरा, स्वात,  कलात, चगाई, क्वेटा, जैकबाबाद, मस्तुंग, खारान, जाफराबाद और झाल मगसी के रहने वाले हैं. वहीं अफगानिस्‍तान के खोस्‍त से आए कुछ लोगों को भी भारतीय नागरिकता दी गई है.  

Advertisement
Featured Video Of The Day
Iran Israel War: क्या आज हो जाएगा जंग का फैसला? | Khamenei Death | Bharat Ki Baat Batata Hoon
Topics mentioned in this article