अजित पवार का निधन: पायलट ने की दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश, रनवे से 100 फीट पहले क्रैश हो गया प्लेन

अजित पवार का विमान बारामती एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश में अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया, जिसमें भीषण आग लगने से सभी पांच लोगों की मौत हो गई.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • अजीत पवार का विमान बारामती एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंडिंग के प्रयास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था
  • Learjet 45 विमान में कुल 5 लोग सवार थे, जिनमें अजीत पवार, उनका PSO, अटेंडेंट, पायलट और फर्स्ट ऑफिसर शामिल थे
  • हादसा सुबह करीब साढ़े आठ बजे हुआ, विमान रनवे से लगभग सौ फीट पहले जमीन से टकराया और भीषण आग लग गई
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
मुंबई:

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत वाले विमान हादसे को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के अनुसार, उनका विमान बारामती एयरपोर्ट पर दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास कर रहा था, तभी वह अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया. यह हादसा सुबह करीब 8:45 बजे हुआ, जिसमें 66 वर्षीय अजित पवार और विमान में मौजूद अन्य चार लोगों की मौत हो गयी. 

अजित पवार का निधन LIVE UPDATES

यह विमान Learjet 45 था, जिसे निजी कंपनी VSR Ventures संचालित करती थी. क्रैश के बाद विमान में भीषण आग लग गई और उसका मलबा रनवे से पहले ही बिखर गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान रनवे से करीब 100 फीट पहले ही जमीन से टकरा गया.

 स्थानीय लोगों ने बताया कि विमान नीचे आते ही नियंत्रण खो बैठा और जोरदार धमाके के बाद आग के गोले में बदल गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक के बाद एक 4–5 धमाके सुनाई दिए. हादसे के तुरंत बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन आग इतनी तेज थी कि कोई भी यात्री को बाहर नहीं निकाल पाया.

 DGCA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि विमान में कुल 5 लोग मौजूद थे अजित पवार, उनका PSO, एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर (पायलट और फर्स्ट ऑफिसर). अजित पवार सुबह 8 बजे मुंबई से रवाना हुए थे और बारामती में होने वाली चार चुनावी सभाओं को संबोधित करने जा रहे थे.

पढ़ें- अजित पवार का प्लेन क्रैश, आखिरी पलों में क्या हुआ

अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के देवळाली प्रवरा में हुआ था. उनके पिता आनंदराव पवार मुंबई के प्रसिद्ध राजकमल स्टूडियो में काम करते थे. पिता के निधन के बाद उनकी पढ़ाई बाधित हुई. उनका राजनीतिक सफर उनके चाचा, शरद पवार, के प्रभाव से शुरू हुआ, जो पहले से ही महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े नाम थे.

ये भी पढ़ें-: प्लेन क्रैश में अजित पवार के निधन पर पीएम मोदी- मैं सदमे और शोक में हूं

Topics mentioned in this article