अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जो 11 नंबर लकी साबित हुआ, वही 11 बारामती में मनहूस रहा, जानें आखिरी 3 मिनट में क्या हुआ

Ajit Pawar Plane Crash in Baramati: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भरने वाला अजित पवार का प्लेन क्रैश हो गया. प्लेन के आखिरी 3 मिनटों में ऐसा क्या हुआ कि वो इतने बड़े हादसे का शिकार हो गया.

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Ajit Pawar Plane crash in Baramati
बारामती:

Baramati Plane crash News: देश में पिछले सात महीने में दो बड़े विमान हादसे हुए. अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए प्लेन क्रैश में 241 यात्रियों की मौत हुई, सिर्फ एक यात्री कुमार रमेश चमत्कारिक ढंग से बच गए, जो प्लेन की 11ए नंबर सीट पर बैठे हुए थे. प्लेन में यह सबसे सुरक्षित सीट मानी जाती है. वो प्लेन रनवे से उड़ान भरते ही कुछ दूरी पर धमाके के साथ गिरा था और लाखों लीटर तेल भरा होने से वो आग के बड़े गोले में बदल गया. महाराष्ट्र के बारामती जिले में बुधवार को अजित पवार जिस प्लेन में सवार थे, वो भी धमाके से गिरा और आग की लपटों में घिर गया. प्लेन को बारामती में रनवे नंबर 11 पर उतरना था, ये एयरस्ट्रिप ऊंचाई पर होने के कारण यहां लैंडिंग जोखिम भरी थी. यह एक टेबलटॉप रनवे था, जो ऊबड़ खाबड़ इलाके के बीच ऊंचाई पर बना था. 

बारामती प्लेन क्रैश की जानकारी की बात करें, मुंबई से सुबह 8.10 बजे प्लेन ने उड़ान भरी थी और पुणे एटीसी और फिर बारामती के संपर्क में था. क्या आपको रनवे दिखाई दे रहा है. पहली बार रनवे न दिखाई देने की बात पर एटीसी ने पायलट सुमित कपूर को गोअराउंड यानी एक चक्कर लगाने को कहा, ताकि वो फिर से लैंडिंग के लिए तैयार हो सके.पायलट ने दोबारा लैंडिंग की, लेकिन बदकिस्मती से वो रनवे से कुछ पहले ही क्रैश हो गया.प्लेन को दूसरे प्रयास में 8.45 बजे उतरना था, प्लेन वहां पहुंच गया था, लेकिन रनवे नंबर 11 पर लैंडिंग के ठीक पहले खाईं में गिर गया. लैंडिंग के पहले आखिरी तीन मिनट में ऐसा क्या हुआ कि विमान जाकर टेबलटॉप रनवे से 50 मीटर दूर खाईं में जाकर गिरा.प्लेन क्रैश के सीसीटीवी में साफ दिखाई दे रहा है कि विमान के गिरते ही तेज धमाका हुआ और आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार भी कैमरे में कैद हुईं. 

सीसीटीवी फुटेज सामने आया

VSR वेंचर्स लिमिटेड लियर जेट 45 विमान का आखिरी वक्त संतुलन बिगड़ा और वो बड़े हादसे का शिकार हो गया. विमान तीन टुकड़े में बंट गया. बारामती में विमान दुर्घटना को अपनी आंखों से देखने वाले शख्स का कहना था कि हम तुरंत वहां पहुंचे, लेकिन आग की ऊंची लपटों में कुछ नहीं कर सके. कुछ ही मिनटों में पूरा प्लेन जलकर खाक हो गया था. 

आग की ऊंची लपटें उठीं

बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश. फिर थोड़ी देर बाद अग्निशमन और अन्य बचाव दल की टीमें पहुंच गईं. सारे शव बुरी तरह झुलस गए थे और अजित पवार की पहचान उनके हाथ की घड़ी से हुई. प्लेन में सवार सभी पांचों लोगों की मौत हो गई थी. प्रत्यक्षदर्शी ने भी बताया कि हमने प्लेन को कम ऊंचाई पर देखा तो लगा कि क्रैश हो जाएगा और फिर वो हो गया. हमें लग रहा था कि प्लेन रनवे पर उतर जाएगा. लेकिन चार-पांच विस्फोट हुए और आग की ऊंची लपटें उठी रहीं. वो 100 फीट नीचे और रनवे से 50 मीटर दूर नीचे प्लेन गिर गया. 

पढ़ें- अजित पवार का प्लेन क्रैश, आखिरी पलों में क्या हुआ

प्लेन क्रैश से जुड़ी अहम बातें

  • 8.18 बजे विजिबिलटी कम होने से पायलट लैंडिंग नहीं कर पाता है तो एटीसी ने विमान को चक्कर लगाने को कहा
  • 8.43 बजे एटीसी ने प्लेन को दोबारा लैंडिंग के लिए कहा और पूछा कि क्या रनवे दिख रहा है, तो पायलट ने सहमति जताई, दोबारा लैंडिंग की अनुमति
  • 8.45 बजे रनवे नंबर 11 पर दोबारा लैंडिंग की कोशिश की गई, लेकिन प्लेन रनवे से पहले ही क्रैश हो गया
  • 8.46 बजे प्लेन क्रैश हो गया और धमाके के साथ उसमें आग लग गई, कोई इमरजेंसी सिग्नल या मेडे कॉल की बात सामने नहीं आई
     

बारामती छोटी हवाई पट्टी

बारामती छोटी एयर स्ट्रिप है, जहां ILS रेडियो लैंडिंग सिस्टम का फायदा नहीं मिलता है. ILS कम दृश्यता में भी सटीक लैंडिंग में मदद करता है.वो दाएं और बायें की सटीक लोकेशन के साथ एंगल में भी मदद करता है. जबकि छोटी हवाई पट्टी में पायलट को खुद ही कुछ विजुअल अप्रोच करना पड़ता है और पायलट को रनवे को देखकर खुद ऐसा करना पड़ता है.

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पायलट कितने अनुभवी?

कैप्टन सुमित कपूर को 16 हजार घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस था
शांभवी पाठक को 1500 घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस था

पढ़ें- अजित पवार प्लेन क्रैश: प्लेन का खौफनाक वीडियो

बारामती रनवे की भौगोलिक स्थिति

बारामती रनवे करीब 20 से 30 मीटर ऊंचाई हवाई पट्टी पर बना है, इसलिए यहां प्लेन लैंड कराना बेहद मुश्किल होता है. 

  • मुंबई से 256 किमी दूर बारामती एयरपोर्ट
  • 10 हजार किलो के करीब वजन प्लेन का
  • 12 साल पुराना विमान, बॉम्बर्डियर प्लेन
  • वीआईपी यात्रा, कॉरपोरेट, मूवमेंट चार्ड
  • 2 पायलट समेत अधिकतम 9 यात्री सवार
  • 900 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार
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