- महाराष्ट्र विधानसभा बजट सत्र में एनसीपी के भीतर सत्ता संघर्ष को लेकर गंभीर राजनीतिक विवाद सामने आया है
- रोहित पवार ने पार्टी को हाईजैक करने की साजिश का आरोप लगाते हुए सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल पर आरोप लगाए
- अजित पवार के विमान हादसे के बाद BJP नेता पीयूष गोयल ने प्रफुल्ल पटेल को NCP का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया था
महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है. एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि पार्टी को “हाईजैक” करने की साजिश रची गई थी, जिसमें सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल की भूमिका की जांच होनी चाहिए.रोहित पवार ने कहा कि सुनेत्रा पवार द्वारा 10 मार्च को चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि 28 जनवरी 2026 को अजित पवार की मृत्यु के बाद से लेकर उनके (सुनेत्रा पवार) राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक पार्टी से जुड़े सभी फैसले, संशोधन और पत्रों को निरस्त (null and void) माना जाए.उन्होंने कहा कि यह पत्र खुद इस बात का संकेत देता है कि उस दौरान लिए गए फैसलों की वैधता पर सवाल खड़े होते हैं.
16 फरवरी के संशोधन पत्र पर सवाल
रोहित पवार ने 16 फरवरी को सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल द्वारा चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र का भी जिक्र किया. इस पत्र में एनसीपी के संविधान में संशोधन की जानकारी दी गई थी, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की अनुपस्थिति में सभी अधिकार राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष को दिए जाएंगे—और यह पद प्रफुल्ल पटेल के पास था.रोहित पवार ने सवाल उठाया कि क्या यह संशोधन पहले से रची गई रणनीति का हिस्सा था, ताकि पार्टी की कमान अपने हाथ में ली जा सके.
पीयूष गोयल के बयान पर भी उठे सवाल
रोहित पवार ने आगे कहा कि 28 जनवरी को अजित पवार का हादसा हुआ और महज दो दिनों के भीतर ही भाजपा के वरिष्ठ नेता पीयूष गोयल ने प्रफुल्ल पटेल को एनसीपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बता दिया.उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सिर्फ एक संयोग था या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी, जिसमें बाहरी राजनीतिक ताकतें भी शामिल थीं.
‘काला जादू' के आरोप और आपराधिक जांच की मांग
रोहित पवार ने एक और चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि अजित पवार के दुर्घटना से पहले उनके आवास के बाहर “काला जादू” किया गया था. उन्होंने कहा कि इन सभी घटनाओं को जोड़कर देखा जाए तो यह मामला बेहद गंभीर बन जाता है और इसकी निष्पक्ष आपराधिक जांच होनी चाहिए.उन्होंने बताया कि इस मामले में कर्नाटक सरकार द्वारा बेंगलुरु में एक जीरो एफआईआर दर्ज की गई है, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र के डीजीपी को ट्रांसफर कर दिया गया है.
एनसीपी विधायकों पर दबाव के आरोप
रोहित पवार ने आरोप लगाया कि सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने एनसीपी के विधायकों को अजित पवार के विमान हादसे पर बोलने से रोका. उन्होंने यह भी कहा कि जय पवार की आवाज को भी दबा दिया गया, जो इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे.
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