6 यूक्रेनी नागरिक क्यों लिए गए हिरासत में और अभी क्या है स्टेट्स? भारत ने बताया

एक अमेरिकी नागरिक और छह यूक्रेनी नागरिकों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम—UAPA के तहत आरोप लगाए गए हैं. दिल्ली की एक विशेष NIA अदालत ने इन्हें 11 दिन की हिरासत में भेज दिया है.

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  • भारत ने छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी मामले को पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत जांचने की बात कही है.
  • यूक्रेन दूतावास ने गिरफ्तार नागरिकों को काउंसलर एक्सेस देने का औपचारिक अनुरोध भारत को भेजा है.
  • गिरफ्तार अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं.
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नई दिल्ली:

भारत ने छह यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी के मुद्दे पर स्पष्ट किया है कि मामला पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया से जुड़ा है और संबंधित सरकारी एजेंसियां इसकी सक्रिय जांच कर रही हैं. विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि सरकार इस प्रकरण को कानून के दायरे में रहकर देख रही है और हर कदम निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप उठाया जाएगा.

काउंसलर एक्सेस पर भारत का जवाब

जायसवाल के अनुसार, भारत को यूक्रेन दूतावास से गिरफ्तार नागरिकों के लिए काउंसलर एक्सेस देने का औपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ है. भारत ने आश्वस्त किया कि इस अनुरोध को प्रासंगिक कानूनी आवश्यकताओं और प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए संबोधित किया जाएगा. यानी, वाणिज्यिक (कांसुलर) पहुंच का निर्णय भारतीय कानून और लागू नियमों के मुताबिक ही होगा.

UAPA के तहत आरोप और न्यायिक कार्रवाई

मामले में एक अमेरिकी नागरिक और छह यूक्रेनी नागरिकों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम—UAPA के तहत आरोप लगाए गए हैं. दिल्ली की एक विशेष NIA अदालत ने इन्हें 11 दिन की हिरासत में भेज दिया है. UAPA के प्रावधानों के चलते जांच एजेंसियां विस्तृत पूछताछ, डिजिटल/भौतिक साक्ष्य संकलन और संभावित नेटवर्क की कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं.
यूक्रेन दूतावास की आपत्तियां

भारत में यूक्रेन के दूतावास ने अपने नागरिकों की हिरासत को “सुनियोजित और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताते हुए आपत्ति दर्ज की है. दूतावास ने यह भी कहा कि यूक्रेन आतंकी गतिविधियों के किसी भी रूप का समर्थन नहीं करता और स्वयं प्रतिदिन रूसी आक्रामकता के दुष्प्रभाव झेल रहा देश होने के कारण आतंकवाद के खिलाफ कठोर और सैद्धांतिक रुख अपनाता है.

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दूतावास ने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कुछ रिपोर्टों का हवाला देते हुए आशंका जताई कि कार्रवाई की शुरुआत कथित रूप से रूसी पक्ष से मिली जानकारी पर आधारित हो सकती है, जिससे मामला पूर्वाग्रहपूर्ण प्रतीत होता है. इसी परिप्रेक्ष्य में यूक्रेन ने उम्मीद जताई कि भारतीय अधिकारी पूरी प्रक्रिया को वैध, पारदर्शी और खुलेपन के साथ आगे बढ़ाएँगे तथा हिरासत में लिए गए नागरिकों के अधिकारों का पालन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करेंगे.

यूक्रेन दूतावास ने कहा कि वह भारत के साथ आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता से जुड़ी मौजूदा द्विपक्षीय संधि के तहत सक्रिय सहयोग के लिए तैयार है. इसका उद्देश्य तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट करना, आवश्यक दस्तावेज/सूचनाओं का आदान-प्रदान करना और जांच की गुणवत्ता तथा विश्वसनीयता को मजबूत करना है.
आगे की राह

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फिलहाल, मामला जांच के चरण में है. भारत कांसुलर एक्सेस के अनुरोध पर कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार निर्णय लेगा, जबकि अदालत द्वारा दी गई हिरासत अवधि में एजेंसियां साक्ष्यों का संग्रह और सत्यापन जारी रखेंगी. यूक्रेन पक्ष पारदर्शिता और अधिकारों के संरक्षण पर जोर देता हुआ भारत के साथ संस्थागत सहयोग की पेशकश बनाए हुए है.

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