PM मोदी के भाषण के बाद बोले किसान नेता- प्रधानमंत्री मीटिंग बुलाएं, हम जाने को तैयार

किसान नेता सतनाम सिंह साहनी ने कहा, 'प्रधानमंत्री तुरंत मीटिंग बुलाएं, हम जाने के लिए तैयार हैं. हम उनकी बात मानेंगे, वह हमारी बात मानेंगे.'

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किसान आंदोलन को 2 महीने से ज्यादा हो गए हैं. (फाइल फोटो)
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  • दिल्ली बॉर्डर पर डटे हैं किसान
  • नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग
  • पीएम मोदी ने भाषण में किया जिक्र
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नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज (सोमवार) राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कई अहम मुद्दों का जिक्र किया. एक मुद्दा जिसपर उनके बोलने का बेसब्री से इंतजार था, वो था- किसान आंदोलन. पीएम मोदी ने किसानों से आंदोलन (Farmers Protest) खत्म कर बातचीत की अपील की. उन्होंने संसद से किसानों को निमंत्रण देते हुए कहा कि किसान और सरकार मिल-बैठकर इस मसले का हल निकालेंगे. पीएम की इस अपील के बाद सिंघु बॉर्डर पर धरना दे रहे किसान नेता सतनाम सिंह साहनी ने कहा कि वे लोग प्रधानमंत्री की बात मानने को तैयार हैं लेकिन वह भी उनकी बात मानें.

किसान नेता सतनाम सिंह साहनी ने कहा, 'प्रधानमंत्री तुरंत मीटिंग बुलाएं, हम जाने के लिए तैयार हैं. हम उनकी बात मानेंगे, वह हमारी बात मानेंगे. प्रधानमंत्री बहुत देर बाद इस मुद्दे पर बोले हैं. किसानों को बदनाम किया गया है. मंडिया कैसे रहेंगी, ये बड़ा सवाल है. इस एक्ट में बहुत सारी खामियां हैं. पहले कृषि मंत्री माफी मांगें, वो किसान आंदोलन को बदनाम करते हैं. हम कृषि कानूनों को रद्द करने की बात पर अभी भी अडिग हैं. ये देश सभी धर्मों का है. सभी धर्मों ने बहुत कुछ किया है. ये आंदोलन सभी धर्मों का है.'

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पीएम की स्पीच पर धरना दे रहे किसानों ने कहा कि किसानों के साथ इतनी बार बातचीत हुई लेकिन हल नहीं निकाल पाए. सीधी मांग है कि कृषि कानून रद्द हों. देश का प्रधानमंत्री पाकिस्तान चला जाता है लेकिन वह किसानों के पास नहीं आ रहे हैं. अगर मंडिया और एमएसपी खत्म नहीं होंगे तो यहां पर आखिर पढ़े-लिखे लोग क्यों बैठे हैं. क्या कोई यहां आतंकवादी बैठे हैं. दिल्ली बॉर्डर अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर से भी खतरनाक लग रहा है. गुरुद्वारों से लोग नहीं आ पा रहे हैं. हमारे लोग डरे हुए हैं. जैसे ही सरकार कृषि कानून रद्द कर देगी, हम आधे घंटे में लौट जाएंगे.

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पीएम मोदी के भाषण के बाद भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा, 'हमने कब कहा कि MSP खत्म हो रहा है. हमने कहा कि MSP पर एक कानून बनना चाहिए. अगर ऐसा कानून बनता है तो देश के सभी किसानों को इससे फायदा होगा. अभी MSP पर कोई कानून नहीं है और किसान ट्रेडर्स के हाथों लूट लिया जाता है.' दरअसल पीएम मोदी ने अपने संबोधन में किसानों के आंदोलन को लेकर कहा था, 'हम सब मिल-बैठकर बात करने को तैयार हैं. मैं आज सदन से सभी को निमंत्रण देता हूं.' पीएम ने इसके साथ ही सदन के माध्यम से किसानों को आश्वस्त किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जारी रहेगा. उन्होंने कहा, 'MSP था, MSP है और MSP रहेगा. हमें भ्रम नहीं फैलाना चाहिए.'

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