Kya hafte mein do din ki exercise karke bhi reh sakte hain fit: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना हर किसी के लिए आसान नहीं रह गया है. सुबह से शाम तक काम, स्क्रीन टाइम और जिम्मेदारियों के बीच एक्सरसाइज के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में कई लोग फिटनेस को टाल देते हैं और धीरे-धीरे सेहत पर असर दिखने लगता है. लेकिन अब एक नया तरीका सामने आया है, जो खासतौर पर व्यस्त लोगों के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है. इसमें हफ्ते में सिर्फ 1 या 2 दिन एक्सरसाइज करके भी आप खुद को हेल्दी रख सकते हैं. इसे आसान भाषा में वीकेंड वर्कआउट स्टाइल कहा जा रहा है.
क्या 2 दिन की एक्सरसाइज से फायदा मिलता है?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर आप हफ्ते में कुल 150 मिनट की मॉडरेट या तेज एक्सरसाइज पूरी कर लेते हैं, तो यह रोजाना थोड़ी-थोड़ी एक्सरसाइज करने जितना ही असरदार हो सकता है. इसका मतलब है कि जरूरी यह नहीं है कि आप हर दिन जिम जाएं, बल्कि जरूरी यह है कि आपकी कुल एक्टिविटी पूरी हो.
रिसर्च में क्या सामने आया?
एक बड़ी स्टडी में हजारों लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया. इसमें पाया गया कि जो लोग हफ्ते में सिर्फ 1 या 2 दिन एक्सरसाइज करते हैं, उनमें हार्ट डिजीज, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है. खास बात यह है कि यह फायदे उन लोगों के बराबर ही पाए गए, जो पूरे हफ्ते नियमित एक्सरसाइज करते हैं.
वीकेंड पर कैसे करें सही वर्कआउट?
अगर आप इस तरीके को अपनाना चाहते हैं, तो वीकेंड पर 60 से 75 मिनट का कार्डियो जरूर करें. इसमें तेज चलना, दौड़ना या साइक्लिंग शामिल हो सकती है. इसके साथ 15 से 20 मिनट की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी जोड़ें. इससे शरीर मजबूत होता है और स्टैमिना बढ़ता है.
इन बातों का रखें खास ध्यान
एक साथ ज्यादा एक्सरसाइज करने से शरीर पर दबाव पड़ सकता है. इसलिए शुरुआत धीरे-धीरे करें. एक्सरसाइज से पहले वार्म-अप और बाद में कूल-डाउन जरूर करें. इससे चोट लगने का खतरा कम होता है और शरीर बेहतर तरीके से रिकवर करता है.
एक्सपर्ट की सलाह
एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिट रहने के लिए रोज जिम जाना जरूरी नहीं है. अगर आप हफ्ते में सिर्फ दो दिन भी सही तरीके से एक्टिव रहते हैं, तो आप अपनी सेहत को लंबे समय तक बेहतर बनाए रख सकते हैं. consistency यानी नियमितता ही असली फिटनेस मंत्र है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














