World Tuberculosis Day: अक्सर लोग टीबी और लंग कैंसर के बीच फर्क नहीं कर पाते हैं. कई लक्षण ऐसे हैं जो टीबी और कैंसर में समान दिखाई देते हैं. ऐसे में कैसे पता लगाएं कि मरीज को कौन सी बीमारी है? दिल्ली के एम्स में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार के मुताबिक, टीबी और लंग कैंसर ऐसी बीमारियां हैं जिनके लक्षण कई बार इतने मिलते-जुलते होते हैं कि मरीज ही नहीं, कई बार डॉक्टर भी शुरुआती स्टेज पर कन्फ्यूज हो जाते हैं. खासकर उन इलाकों में जहां जांच की सुविधाएं कम हैं, वहां खांसी और बलगम के आधार पर टीबी मानकर इलाज शुरू कर दिया जाता है. लेकिन, यह हर बार सही नहीं होता. डॉ. कुमार बताते हैं कि लंबे समय तक चलने वाली खांसी, बलगम में खून या कमजोरी जैसे लक्षण दोनों बीमारियों में दिख सकते हैं, इसलिए सही पहचान के लिए सिर्फ लक्षण नहीं बल्कि जांच बेहद जरूरी है.
टीबी और लंग कैंसर: क्यों होता है कन्फ्यूजन?
दोनों बीमारियों में कुछ कॉमन लक्षण होते हैं:
- लगातार खांसी (2-3 हफ्ते से ज्यादा)
- खांसी में बलगम आना
- बलगम में खून (हेमोप्टाइसिस)
- सीने में दर्द
- सांस लेने में तकलीफ
- कमजोरी और थकान
यही वजह है कि सिर्फ इन संकेतों के आधार पर बीमारी तय करना जोखिम भरा हो सकता है.
कब ज्यादा शक होता है टीबी पर?
डॉ. सुनील कुमार के अनुसार, अगर मरीज में नीचे बताए गए लक्षण दिखें तो टीबी की संभावना बढ़ जाती है:
- हल्का लेकिन लगातार बुखार, खासकर शाम के समय
- रात में ज्यादा पसीना आना
- तेजी से वजन घटना
- भूख कम लगना
- शरीर में कमजोरी
- कम उम्र (20-40) और स्मोकिंग हिस्ट्री न होना
क्योंकि टीबी एक संक्रमण है, इसलिए इसके लक्षण पूरे शरीर पर असर डालते हैं.
लंग कैंसर के संकेत क्या बताते हैं?
इन स्थितियों में कैंसर की संभावना को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
- खांसी जो धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हो
- बार-बार या ज्यादा मात्रा में खून आना
- आवाज बैठना
- सीने में लगातार दर्द
- सांस फूलना बढ़ना
- उम्र 40-50 साल से ज्यादा
- धूम्रपान का इतिहास
कैंसर के लक्षण अक्सर धीरे-धीरे बढ़ते हैं और देर से सामने आते हैं.
खून आना कब बनता है खतरे का संकेत?
- हर बार खून दिखना गंभीर बीमारी नहीं होता:
- ब्रश करने के बाद खून, मसूड़ों की समस्या हो सकती है
- गले की खराश से हल्का खून, सामान्य कारण
लेकिन अगर खांसी के साथ बार-बार खून आ रहा है या 1–2 हफ्ते से जारी है, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है.
सही पहचान कैसे करें?
डॉ. कुमार कहते हैं कि सही डायग्नोसिस के लिए ये जांच जरूरी हैं:
- चेस्ट एक्स-रे
- सीटी स्कैन
- बलगम जांच (टीबी के लिए)
- बायोप्सी (कैंसर की पुष्टि के लिए)
खासकर अगर इलाज के बावजूद सुधार नहीं हो रहा, तो जांच दोबारा कराना जरूरी है.
याद रखें ये जरूरी बात:
- हर खांसी टीबी नहीं होती.
- हर खून कैंसर नहीं होता.
- लेकिन दोनों को नजरअंदाज करना खतरनाक है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














