World Sleep Day 2026: बच्चों और किशोरों के लिए कितनी नींद लेना है जरूरी? पेडियाट्रिशियन ने बताई सही अवधि और जरूरी टिप्स

How much sleep do children and teenagers need: स्वस्थ शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बच्चों और किशोरों के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी होती है. लेकिन आज के समय में बदलती जीवनशैली, बढ़ता स्क्रीन टाइम और पढ़ाई का दबाव बच्चों की नींद को प्रभावित कर रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार पर्याप्त नींद नहीं मिलती, तो इसका असर उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई और व्यवहार पर पड़ सकता है.

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How much sleep do children and teenagers need
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How much sleep do children and teenagers need: स्वस्थ शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बच्चों और किशोरों के लिए पर्याप्त नींद बेहद जरूरी होती है. लेकिन आज के समय में बदलती जीवनशैली (Lifestyle), बढ़ता स्क्रीन टाइम (Screen Time) और पढ़ाई का दबाव बच्चों की नींद (Sleep) को प्रभावित कर रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार पर्याप्त नींद नहीं मिलती, तो इसका असर उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई और व्यवहार पर पड़ सकता है. एशियन हॉस्पिटल की डॉ. मेघना फड़के सुल्तानिया बता रही हैं बच्चों और किशोरों को एक दिन में कितनी नींद लेनी चाहिए और नींद को बेहतर बनाने के लिए क्या करना चाहिए.

उम्र के अनुसार बच्चों को कितनी नींद चाहिए?

बच्चों की नींद उनकी उम्र के अनुसार अलग-अलग होती है. छोटे बच्चों को अधिक नींद की आवश्यकता होती है, जबकि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, नींद की जरूरत थोड़ी कम होती जाती है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि 6 से 12 साल के बच्चों (Children) को रोजाना लगभग 9 से 12 घंटे की नींद लेनी चाहिए. वहीं 13 से 18 साल के किशोरों (Teenagers) के लिए रोजाना 8 से 10 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है.

बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में नींद की भूमिका

पर्याप्त नींद बच्चों के मस्तिष्क के विकास, याददाश्त और सीखने की क्षमता के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है. जब बच्चे अच्छी और पूरी नींद लेते हैं, तो उनका दिमाग दिनभर सीखी हुई चीजों को बेहतर तरीके से प्रोसेस करता है. इससे उनकी एकाग्रता, पढ़ाई में प्रदर्शन और व्यवहार में सुधार होता है। नींद की कमी बच्चों में कई समस्याओं को जन्म दे सकती है. कम नींद लेने वाले बच्चों में चिड़चिड़ापन, थकान, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और पढ़ाई में कमजोर प्रदर्शन जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं. लंबे समय तक नींद की कमी रहने से मोटापा, कमजोर इम्यूनिटी और मानसिक तनाव का खतरा भी बढ़ सकता है.

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नींद की कमी से बच्चों में क्या समस्याएं हो सकती हैं?

आजकल बच्चों और किशोरों में देर रात तक मोबाइल फोन, टैबलेट या वीडियो गेम का इस्तेमाल भी नींद की समस्या का बड़ा कारण बन रहा है. सोने से पहले लंबे समय तक स्क्रीन देखने से नींद आने में देर होती है और नींद की गुणवत्ता भी खराब हो सकती है. बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद बहुत जरूरी है. नींद के दौरान ही शरीर और दिमाग की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं होती हैं, जो विकास, याददाश्त और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती हैं. यदि बच्चे नियमित रूप से पर्याप्त नींद नहीं लेते, तो इसका असर उनके शारीरिक विकास, पढ़ाई और व्यवहार पर पड़ सकता है. इसलिए माता-पिता को बच्चों की नींद की आदतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए.”

माता-पिता बच्चों में अच्छी नींद की आदत कैसे डालें?

बच्चों में अच्छी नींद की आदत विकसित करना माता-पिता की जिम्मेदारी होती है. बच्चों के लिए रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और जागने का रूटीन बनाना चाहिए. सोने से पहले मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम से दूरी बनाना जरूरी है ताकि दिमाग को आराम मिल सके. इसके अलावा सोने से पहले हल्की गतिविधियां जैसे कहानी सुनना या किताब पढ़ना बच्चों को जल्दी नींद आने में मदद कर सकता है. विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि बच्चों को दिन में पर्याप्त शारीरिक गतिविधि करने के लिए प्रेरित किया जाए, क्योंकि इससे उनकी नींद बेहतर होती है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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