महिलाओं में क्यों तेजी से बढ़ रहा है हार्ट अटैक खतरा? डॉक्टर ने बताई वजह और इससे बचने के तरीके

Heart Attack In Women: महिलाओं में हार्ट से जुड़ी बीमारियों के मामले क्यों तेजी से बढ़ रहे हैं? इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने डॉक्टर टीएस क्लेर से बात की, आइए जानते हैं उन्होंने इसपर क्या कहा...

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Heart Attack In Womens: इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने डॉक्टर टीएस क्लेर से बात की.

Heart Attack In Women: पिछले कुछ समय में महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है, जो एक गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय बन चुका है. हालांकि हार्ट डिजीज को पुरुषों से ज्यादा जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब कई स्टडी से यह स्पष्ट हो चुका है कि महिलाएं भी उतनी ही सेंसिटिव हैं, बल्कि कई बार ज्यादा जोखिम में रहती हैं. तनाव, हार्मोनल बदलाव, अहेल्दी लाइफस्टाइल, अनियमित खानपान और हार्ट रिलेटेड डिजीज को नजरअंदाज करना इसके पीछे के मुख्य कारणों में शामिल हैं. इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने डॉक्टर टीएस क्लेर से बात की, आइए जानते हैं उन्होंने इसपर क्या कहा...

महिलाओं में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले? (Why Are Heart attack Cases Increasing In Women?)

डॉक्टर क्लेर के ने बताया कि, "महिलाओं में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं. इसके कई कारण हैं, जैसे लाइफस्टाइल का गड़बड़ होना, वर्किंग होने के साथ पर्सनल और प्रोफेशनल स्ट्रेस, लेट नाइट सोना, अनहेल्दी डाइट बड़ी वजह हैं. इसके साथ ही महिलाओं में डायबिटीज और मोटापे की शिकायत ज्यादा देखने को मिल रही है, जिस वजह से हार्ट डिजीज का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है."

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महिलाओं को हार्ट डिजीज से बचने के लिए क्या करना चाहिए?

बैलेंस डाइट अपनाएं: फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड, फल, सब्जियां और साबुत अनाज को डाइट में शामिल करें. ट्रांस फैट, ज्यादा नमक और चीनी से बचें.
नियमित व्यायाम करें: रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक, योग या कार्डियो एक्सरसाइज करें. इससे ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है.
तनाव को कम करें: मेडिटेशन, संगीत या दोस्तों से बातचीत जैसी एक्टिविटीज मानसिक तनाव को कम करने में मदद करती हैं.
रेगुलर हेल्थ चेकअप कराएं: सालाना ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ब्लड शुगर और ईसीजी की जांच जरूर कराएं, खासकर 35 की उम्र के बाद.
धूम्रपान और शराब से दूरी: बनाएं ये आदतें दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचाती हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाती हैं.
हार्मोनल बदलावों पर ध्यान दें: मेनोपॉज या पीसीओडी जैसी स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लें क्योंकि ये दिल पर असर डाल सकती हैं.
लक्षणों को नजरअंदाज न करें: सीने में दबाव, थकान, सांस फूलना या चक्कर आना जैसे लक्षणों को हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से मिलें.

Watch Video: महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ रहा है?

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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