Why is good sleep important for mental health: आधुनिक जीवनशैली (Modern Lifestyle), बढ़ता काम का दबाव और लगातार बढ़ता स्क्रीन टाइम (Screen Time) लोगों की नींद को प्रभावित कर रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नींद (Sleep) की कमी केवल शारीरिक थकान ही नहीं बढ़ाती, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) पर भी गहरा असर डालती है. खासतौर पर डिप्रेशन (Depression) और एंग्जायटी (Anxiety) जैसी समस्याओं में नींद की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है. आकाश हेल्थकेयर में मनोचिकित्सक विभाग की एसोसिएट कंसल्टेंट डॉ. पवित्रा शंकर बता रही हैं नींद और इससे जुड़े डिप्रेशन और एंग्जायटी के बारे में.
अच्छी और पर्याप्त नींद दिमाग को संतुलित बनाए रखने में मदद करती है. जब व्यक्ति गहरी नींद लेता है, तो मस्तिष्क दिनभर की गतिविधियों और भावनाओं को प्रोसेस करता है. इससे मानसिक तनाव कम होता है और दिमाग को आराम मिलता है. लेकिन जब नींद पूरी नहीं होती या बार-बार टूटती है, तो इससे दिमाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है.
खराब नींद का भावनाओं पर असर
लगातार खराब नींद लेने से मस्तिष्क के उन हिस्सों पर असर पड़ता है जो भावनाओं को नियंत्रित करने का काम करते हैं. इससे व्यक्ति अधिक चिड़चिड़ा, तनावग्रस्त और बेचैन महसूस कर सकता है. कई शोधों में यह भी पाया गया है कि जो लोग लंबे समय तक नींद की कमी से जूझते हैं, उनमें डिप्रेशन और एंग्जायटी का खतरा अधिक हो सकता है.
डिप्रेशन और नींद का है दोतरफा संबंध
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक यह संबंध दोतरफा होता है. यानी खराब नींद मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं भी नींद को खराब कर सकती हैं. उदाहरण के लिए, डिप्रेशन से जूझ रहे कई लोगों को रात में नींद आने में परेशानी होती है या उनकी नींद बार-बार टूट जाती है. वहीं एंग्जायटी से पीड़ित लोग अक्सर ज्यादा सोचने और तनाव के कारण देर रात तक जागते रहते हैं. नींद की कमी का असर व्यक्ति के मूड, सोचने की क्षमता और भावनात्मक संतुलन पर पड़ सकता है. इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास कम हो सकता है और दैनिक कार्यों में भी परेशानी आ सकती है. यही कारण है कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के उपचार में अच्छी नींद को महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.
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मानसिक स्वास्थ्य के लिए नींद क्यों जरूरी?
नींद और मानसिक स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध होता है. पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद दिमाग को भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखने में मदद करती है. यदि व्यक्ति लंबे समय तक पर्याप्त नींद नहीं लेता, तो इससे तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन के लक्षण बढ़ सकते हैं. इसलिए मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित और अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है.
अच्छे नींद के लिए अपनाएं ये आदतें
अच्छी नींद पाने के लिए कुछ सरल आदतों को अपनाना जरूरी है. जैसे रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और जागने की आदत डालना, सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग कम करना और कैफीन का सेवन सीमित करना. इसके अलावा योग, ध्यान और नियमित व्यायाम भी तनाव कम करने और नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकते हैं. यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक नींद आने में परेशानी हो रही है या वह लगातार तनाव और चिंता महसूस कर रहा है, तो उसे इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय रहते विशेषज्ञ से सलाह लेने से समस्या का सही कारण पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार से मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














