वजन घटाना होगा अब सस्ता! जानें क्यों कम हो रहे हैं वेट लॉस इंजेक्शन के दाम, कैसे काम करती है ये दवा

Weight Loss Drugs: मोटापा आज के समय की एक बड़ी समस्या में से एक है. अगर आप भी इसे कम करने के लिए इंजेक्शन के बारे में सोच रहे हैं, तो इस आर्टिकल में जानें भारत में कितनी सस्ती हुई वजन घटाने वाली दवा.

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Weight Loss Drugs: वजन घटाने वाली दवा क्यों हुई सस्ती.

अगर आप भी बढ़ते वजन और मोटापे से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. क्योंकि दुनिया की मशहूर वेट लॉस ड्रग 'सेमाग्लूटाइड' (Semaglutide) का पेटेंट 20 मार्च को खत्म हो गया. जिसके सेमाग्लूटाइड अब भारत में बेहद सस्ती मिलेगी. जो इंजेक्शन आम आदमी की पहुंच से बाहर थे, अब उनकी कीमत में 70 फीसदी तक की कमी आ गई है.

​​कैसे काम करती है यह दवा?

​सेमाग्लूटाइड कोई साधारण दवा नहीं है. यह हमारे शरीर के नेचुरल हार्मोन्स की नकल करती है.

​भूख कम लगना- यह दिमाग को संदेश भेजती है कि आपका पेट भरा हुआ है.

धीरे पचना- यह पेट के खाली होने की प्रक्रिया को धीमा कर देती है, जिससे आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती.

​शुगर कंट्रोल- यह ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद करती है.

क्या होता है दवा का पेटेंट खत्म होना? 

​जब हम सुनते हैं कि किसी बड़ी दवा का पेटेंट (Patent) खत्म हो गया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि दवा बदल गई है या उसकी क्वालिटी गिर गई है.  अब कोई भी बना सकेगा वही 'फॉर्मूला' जब कोई कंपनी नई दवा खोजती है, तो सरकार उसे कुछ सालों का एकाधिकार देती है कि सिर्फ वही इसे बेच सकती है. इसे ही पेटेंट कहते हैं. जब यह समय खत्म होता है, तो दूसरी कंपनियों को भी वही सक्रिय घटक (Active Ingredient) इस्तेमाल करके दवा बनाने की कानूनी आजादी मिल जाती है.  नाम अलग, काम वही पेटेंट खत्म होने के बाद जो नई कंपनियां दवा बनाती हैं, उन्हें 'जेनेरिक दवा' कहा जाता है. ये दवाएं खुराक, सुरक्षा और असर के मामले में महंगी ब्रांडेड दवाओं के बिल्कुल बराबर होती हैं.

​कीमतों में आया बड़ा बदलाव- 

​अभी तक भारत में ओजम्पिक (Ozempic) और वेगोवी (Wegovy) जैसे ब्रांड्स के तहत मिलने वाली ये दवाएं काफी महंगी थीं. एक महीने का खर्च करीब 9,000 रुपये से लेकर 28,000 रुपये तक आता था.  जानकारों का कहना है कि अब यही वजन घटाने वाले इंजेक्शन में 70 प्रतिशत तक की कमी आएगी. यानी अब आपको अपनी जेब ज्यादा ढीली नहीं करनी पड़ेगी.

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​54 कंपनियां मैदान में- 

​खबर है कि करीब 54 भारतीय कंपनियां अपने जेनेरिक वर्जन (सस्ती दवाएं) लॉन्च करने जा रही हैं. सिप्ला, सन फार्मा और ल्यूपिन जैसी बड़ी कंपनियां पहले ही दिन से अपने प्रोडक्ट बाजार में उतारने की तैयारी में हैं. जब इतनी सारी कंपनियां एक साथ मुकाबला करेंगी, तो आने वाले दिनों में कीमतें और भी कम हो सकती हैं.

​सावधानी कितनी जरूरी- 

​हेल्थ एक्सपर्ट्स ने साफ चेतावनी दी है कि इसे वजन घटाने वाला कोई 'शॉर्टकट' या ब्यूटी ट्रीटमेंट न समझें. यह दवा केवल उन लोगों के लिए है जो हद से ज्यादा मोटे हैं.

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​एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसे केवल एंडोक्रिनोलॉजिस्ट या इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट की सलाह पर ही लेना चाहिए. बिना मेडिकल टेस्ट और डॉक्टर के पर्चे के इसे लेना खतरनाक हो सकता है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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