MP School Shocking Incident: एक साथ झूमने लगीं स्कूल की लड़कियां, डॉक्टर ने बताया जादुई शक्ति नहीं 'कन्वर्जन डिसऑर्डर'

Mass Hysteria in Umaria: उमरिया स्कूल की छात्राओं का अजीब व्यवहार. मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के ग्राम कल्दा स्थित शासकीय हाई स्कूल में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है.

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Mass Hysteria in Umaria.

Umaria School Girls Incident: उमरिया स्कूल की छात्राओं का अजीब व्यवहार. मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के ग्राम कल्दा स्थित शासकीय हाई स्कूल में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. करकेली विकासखंड के इस स्कूल में उस वक्त अफरा तफरी मच गई जब परिसर में मौजूद कई छात्राएं अचानक एक साथ अजीब हरकतें करने लगीं. छात्राओं को इस तरह झूमते देख स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया. स्थिति तनावपूर्ण होती देख तुरंत प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई. प्रभावित छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद पाली चिकित्सालय भेजा गया है. 

क्‍यों हुआ ऐसा, क्‍या वजह है इसके पीछे 

इस घटना के पीछे मास ह‍िस्‍टीर‍िया को वजह बताया जा रहा है. इससे पहले भी मास हस्‍टि‍रीया के मामले भारत में और दूसरी जागहों पर देखने को म‍िले हैं. इसके इत‍िहास पर जाएं तो मास हिस्‍ट‍िरीया के मामले इतिहास कें 14वीं सदी से हैं, और यह दुनिया भर के विभिन्न संस्कृतियों और क्षेत्रों में देखा गया है. 20वीं सदी से पहले, MPI पूरे यूरोप में, विशेष रूप से सामाजिक रूप से अलग-थलग कॉन्वेंट में, बहुत अधिक तनाव वाले माहौल में उभरता था. 

Mass Hysteria in Umaria: क्या होता है मास हिस्टीरिया? एमपी के स्कूल में हुई इस घटना ने सबको चौंकाया

मास हिस्टीरिया के कुछ पुराने मामले

साल 2016 : नेपाल के प्यूथान ज़िले के स्कूल में एक दिन कई बच्चों में एक जैसे बर्ताव या लक्षण द‍िखे. 

साल 2017 : उसी स्कूल में फ‍िर से एक ही दिन में कई बच्चों में व्‍यवहार से जुड़े एक से लक्षण देखे गए. इसे रिपीट होने वाले ‘मास हिस्टीरिया ' का अनूठा मामला माना गया था.

साल 2018 : एक बार फ‍िर इसी स्‍कूल में एक 9 साल की बच्ची रोने और चीखने लगी थी, देखते-ही-देखते स्कूल में 47 बच्चों को रोते और चीखते हुए पाया गया था.

साल 2001 : भारत की राजधानी दिल्ली में मंकीमैन की अफवाह फैली और ऐसी फैली कि लोगों ने सूरज ढलने के बाद घर से निकलना बंद कर दिया. बहुत से लोगों का कहना कि उन पर मंकीमैन ने हमला किया. इस अृफवाह ने मास हिस्टीरिया का रूप ले लिया और तीन लोगों की मौत तक हुई.

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साल 2022: उत्तराखंड के एक स्कूल से कुछ बच्चे एकसाथ रोने, चीखने और सिर पटकने. इतना कि कुछ तो बेहोश हो गए. ये ‘मास हिस्टीरिया'का मामला था. 

और आज का द‍िन : ...जब मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के कल्दा गांव के एक शासकीय हाई स्कूल में ऐसी ही घटना देखने को मि‍ली. 

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प्रशासन और मेडिकल टीम की सक्रियता. घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने स्कूल परिसर का जायजा लिया और छात्राओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली. प्रशासन इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि आखिर एक साथ इतनी छात्राओं का व्यवहार असामान्य कैसे हुआ. डॉक्टरों की शुरुआती जांच में इसे किसी भी तरह की बाहरी शक्ति का असर नहीं माना गया है.

अफवाहों और अंधविश्वास से बचने की सलाह. स्कूल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे तंत्र मंत्र जैसी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. यह पूरी तरह से एक मनोवैज्ञानिक स्थिति है जिसका इलाज मेडिकल साइंस में मौजूद है. फिलहाल राजस्व विभाग की टीम स्कूल के वातावरण और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर शिक्षकों से चर्चा कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह से रोका जा सके.

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क्या है मास हिस्टीरिया और कन्वर्जन डिसऑर्डर | What is Mass hysteria, or mass psychogenic illness (MPI)

मेडिकल साइंस में मास हिस्टीरिया या कन्वर्जन डिसऑर्डर कहा जाता है. यह एक परिस्थिति जन्य अस्थाई मानसिक अवस्था है. जब बच्चे लंबे समय तक किसी मानसिक दबाव या परीक्षा के डर जैसे तनाव से गुजरते हैं, तो समूह में एक को देखकर अन्य बच्चे भी वैसा ही व्यवहार करने लगते हैं. इसे सोशोजेनिक इलनेस (Psychogenic Illness) भी कहते हैं. राहत की बात यह है कि उचित परामर्श के बाद सभी छात्राओं की स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है.

मास हिस्टीरिया, जिसे मास साइकोजेनिक इलनेस (MPI) भी कहते हैं, एक ऐसी स्थिति है जहां एक समूह के लोग अचानक से चिंता और तनाव में आ जाते हैं, जिसके कारण उन्हें कई तरह के शारीरिक लक्षण महसूस होने लगते हैं. यह स्थिति बिना किसी पहचान योग्य कारण के होती है, और इसके लक्षण अक्सर किसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा करते हैं.

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मास हिस्टीरिया के लक्षण (mass hysteria symptoms) 

इस बारे में हमने बात की गुरुग्राम के फोर्टिस हॉस्पिटल के साइकियाट्रिस्ट डॉक्‍टर मंतोष कुमार से. उन्‍होंने बताया कि मेडिकल साइंस के अनुसार मास हिस्टीरिया के लक्षणों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में देखा जाता है. इसमें अचानक होने वाला तनाव यानी एंग्जायटी हिस्टीरिया और लंबे समय तक रहने वाला मानसिक दबाव यानी मोटर हिस्टीरिया शामिल है. इसके शारीरिक और भावनात्मक लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं.

शारीरिक लक्षण और शरीर पर असर : 

  • मास हिस्टीरिया के दौरान व्यक्ति को चक्कर आना या अचानक बेहोश होने जैसी समस्या हो सकती है.
  • इसके अलावा सिर में तेज दर्द, सीने में भारीपन, पेट में मरोड़ या गले में खिंचाव महसूस होना भी इसके आम लक्षण हैं.
  • डॉक्‍टर मंतोष कुमार ने बताया कि न्यूरोलॉजिकल स्तर पर शरीर में कंपन होना, हाथ पैर हिलना या शरीर का अकड़ जाना जैसी स्थिति बन सकती है जिसे कई बार लोग पैरालिसिस समझ लेते हैं.
  • सांस लेने में तकलीफ, धड़कन का बहुत तेज होना, दम घुटना, जी मिचलाना और बहुत ज्यादा थकान महसूस होना भी इसके शारीरिक संकेतों में शामिल हैं.
  • कुछ मामलों में धुंधला दिखना या सुनने में दिक्कत जैसी समस्या भी देखी गई है.

भावनात्मक और व्यवहार में बदलाव : 

  1. इस स्थिति में व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बड़े बदलाव नजर आते हैं.
  2. पीड़ित व्यक्ति बहुत ज्यादा डर या घबराहट महसूस करने लगता है. कई बार बेकाबू होकर चीखना, लगातार रोना या बिना वजह हंसना भी मास हिस्टीरिया का हिस्सा हो सकता है.
  3. इसमें व्यक्ति मानसिक रूप से अपनी सुध बुध खो देता है और एक अलग ही मानसिक अवस्था यानी ट्रांस में चला जाता है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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