इस रेयर ब्लड कैंसर का इलाज आसान! बैज्ञानिकों ने खोजे दो नए टारगेट, इलाज की जगी नई उम्मीद

Myelofibrosis Treatment: ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं की एक टीम ने इस दुर्लभ ब्लड कैंसर के लिए दो नए टारगेट खोजे हैं, जिनकी मदद से भविष्य में बीमारी की जड़ पर असर करने वाली टारगेटेड थेरेपी विकसित की जा सकती है.

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Myelofibrosis Blood Cancer: ये बोन मैरो (हड्डियों के भीतर मौजूद खून बनाने वाला हिस्सा) को प्रभावित करता है.

Blood Cancer Cure Research: ब्लड कैंसर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है. खासकर जब बात किसी रेयर यानी दुर्लभ ब्लड कैंसर की हो, तो इलाज के विकल्प और भी सीमित लगने लगते हैं. ऐसा ही एक गंभीर ब्लड कैंसर है मायेलोफाइब्रोसिस, जो बोन मैरो (हड्डियों के भीतर मौजूद खून बनाने वाला हिस्सा) को प्रभावित करता है. इस बीमारी में शरीर हेल्दी ब्लड सेल्स बनाने में असमर्थ हो जाता है, जिससे मरीज को लगातार थकान, हड्डियों में दर्द, तिल्ली का बढ़ना और लाइफ क्वालिटी में भारी गिरावट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है.

अब तक मायेलोफाइब्रोसिस का इलाज मुख्य रूप से लक्षणों को कंट्रोल करने तक ही सीमित रहा है. लेकिन, ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने इस दिशा में एक बड़ी और उम्मीद जगाने वाली सफलता हासिल की है. ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं की एक टीम ने इस दुर्लभ ब्लड कैंसर के लिए दो नए टारगेट खोजे हैं, जिनकी मदद से भविष्य में बीमारी की जड़ पर असर करने वाली टारगेटेड थेरेपी विकसित की जा सकती है.

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क्या है मायेलोफाइब्रोसिस?

मायेलोफाइब्रोसिस एक ऐसा ब्लड कैंसर है जिसमें बोन मैरो में फाइब्रोसिस (स्कार टिश्यू) बनने लगता है. इससे रेड ब्लड सेल्स, व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स का निर्माण बिगड़ जाता है. शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है. इसी वजह से मरीज लंबे समय तक कमजोरी और जटिलताओं से जूझता रहता है.

अब तक इलाज की क्या सीमाएं थीं?

अब तक उपलब्ध इलाज सूजन और दर्द को कम करते हैं. तिल्ली के बढ़ने को कुछ हद तक कंट्रोल करते हैं. लेकिन, कैंसर को बढ़ाने वाली असामान्य कोशिकाओं को खत्म नहीं कर पाते. यानी बीमारी की जड़ बनी रहती है.

ऑस्ट्रेलियाई रिसर्च में क्या नया मिला?

यह अहम रिसर्च जर्नल ब्लड में प्रकाशित हुई है. इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने इम्यूनोथेरेपी के जरिए असामान्य ब्लड वेसल्स को सीधे टारगेट करने का तरीका अपनाया.

इस शोध का नेतृत्व किया प्रोफेसर डेनियल थॉमस, ब्लड कैंसर प्रोग्राम डायरेक्टर, साउथ ऑस्ट्रेलियन हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, एंजेल लोपेज - ह्यूमन इम्यूनोलॉजी हेड, SA पैथोलॉजी.

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दो नए टारगेट क्यों हैं खास?

शोधकर्ताओं ने मरीजों की खुद की कोशिकाओं का उपयोग करके अध्ययन किया और पाया कि असामान्य ब्लड सेल्स पर दो ऐसे खास टारगेट मौजूद हैं. इम्यून सिस्टम इन टारगेट्स की मदद से सिर्फ बीमार कोशिकाओं को पहचान सकता है. हेल्दी कोशिकाओं को कम नुकसान पहुंचता है. यही इस रिसर्च की सबसे बड़ी ताकत है।

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क्या है सटीक इम्यूनोलॉजी (Precision Immunology)?

यह एक आधुनिक इलाज पद्धति है जिसमें बीमारी को मॉलिक्यूलर और इम्यून लेवल पर समझा जाता है. फिर उसी जानकारी के आधार पर टारगेटेड थेरेपी तैयार की जाती है. एंजेल लोपेज के अनुसार, कैंसर इलाज का भविष्य इसी सटीक और लंबे समय तक असर करने वाले तरीकों में छिपा है.

अलग मरीजों के लिए अलग इलाज संभव

रिसर्च से यह भी सामने आया है कि मायेलोफाइब्रोसिस के अलग-अलग बायोलॉजिकल रूप हो सकते हैं. हर मरीज को एक जैसी थेरेपी से फायदा नहीं होगा. अलग टारगेट्स के आधार पर पर्सनलाइज्ड इलाज संभव है.

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ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों द्वारा खोजे गए ये दो नए टारगेट मायेलोफाइब्रोसिस जैसे दुर्लभ ब्लड कैंसर के इलाज की दिशा बदल सकते हैं. अगर यह थेरेपी भविष्य में सफल होती है, तो मरीजों को सिर्फ लक्षणों से राहत नहीं, बल्कि बीमारी पर सीधा वार करने वाला इलाज मिल सकेगा.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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