Tips To Control Diabetes: डायबिटीज आज देश में तेजी से फैल रही एक आम बीमारी बन गई है, हालांकि अच्छी बात यह है कि सही खानपान और अच्छी जीवनशैली अपनाकर इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. संतुलित भोजन करना और रोजाना कितनी कैलोरी लेनी है, इसका ध्यान रखना डायबिटीज को कंट्रोल में रखने में मदद करता है. नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, संतुलित भोजन और उचित मात्रा में कैलोरी का सेवन डायबिटीज प्रबंधन का सबसे प्रभावी और आसान तरीका है. सही कैलोरी काउंट के साथ लिया गया आहार ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है और दवा की जरूरत को भी कम कर सकता है.
डायबिटीज होने से शरीर में क्या होता है?
डायबिटीज में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने से कई जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे आंखों की समस्या, किडनी खराब होना, नसों में दिक्कत और दिल की बीमारी, लेकिन अगर रोजाना का भोजन संतुलित हो और सही समय पर लिया जाए, तो इन जोखिमों को काफी हद तक रोका जा सकता है.
डायबिटीज में क्या खाएं और क्या न खाएं?
विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन की मात्रा पर नियंत्रण रखना सबसे जरूरी कदम है. ज्यादा खाने से कैलोरी बढ़ती है और ब्लड शुगर अनियंत्रित हो जाता है.ऐसे में डायबिटीज से बचाव और प्रबंधन के लिए भोजन की मात्रा पर नियंत्रण रखें. थाली का आधा हिस्सा सब्जियों से और एक चौथाई हिस्सा दाल या प्रोटीन से और बाकी हिस्सा साबुत अनाज से भरें, ज्यादा चावल, आलू या मैदा वाले खाने से परहेज करें.
डायबिटीज में कौन सी सब्जी ज्यादा खानी चाहिए?
मीठे खाद्य पदार्थों से दूर रहें, चीनी, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक, जूस, चॉकलेट और प्रोसेस्ड फूड से बचें. इनकी जगह प्राकृतिक मिठास वाले फल जैसे सेब, अमरूद, पपीता सीमित मात्रा में लें. वहीं, फल, सब्जियां और फाइबर युक्त आहार को प्राथमिकता दें. पालक, ब्रोकली, भिंडी, लौकी, करेला, दालें, साबुत अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, ओट्स और दालें फाइबर से भरपूर होते हैं, जो शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं.
डायबिटीज के मरीजों के लिए समय क्यों महत्वपूर्ण है?
नियमित समय पर भोजन करना सबसे महत्वपूर्ण है, इसके लिए सुबह 8 से 9 बजे के बीच नाश्ता, दोपहर 1 से 2 बजे के बीच लंच और शाम 7 से 8 बजे के बीच डिनर लें. बीच में हल्का स्नैक जैसे मुट्ठीभर मखाना या दही आदि ले सकते हैं, इसके साथ ही रोजाना 30 मिनट की सैर, हल्का व्यायाम और तनाव कम करना भी जरूरी है.
नेशनल हेल्थ मिशन ने चेतावनी दी है कि अगर ब्लड शुगर 200 मिलीग्राम/डीएल से ज्यादा रहता है, तो यह खतरनाक हो सकता है, ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














