Heart Attack आने पर इस तरह बच सकती है मरीज की जान, ये हैं वो Life Saving टिप्स, हर किसी को होने चाहिए पता

Tips For Preventing Heart Attack: क्विक ट्रीटमेंट के जरिए दिल का दौरा पड़ने पर जान बचाई जा सकती है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि हार्ट अटैक आने पर पीड़ित को बचाने के लिए सबसे पहले क्या किया जाना चाहिए, साथ ही ये भी जान लें कि हार्ट अटैक के लक्षणों को कैसे पहचानना है.

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How To Prevent Heart Attack: हार्ट अटैक आने पर पीड़ित को बचाने के लिए क्या करें.

Heart Health: देश और दुनिया में हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं, जो चौंकाने वाले हैं. हार्ट अटैक किसी को भी लाचार और बेबस कर सकता है. ऐसे में अगर आप और आपके आस-पास के लोग पहले से ही फर्स्ट ऐड स्टेप्स के बारे में जानते हैं, तो आप एक जिंदगी बचा सकते हैं. दिल में खून की कमी के कारण अचानक दिल का दौरा पड़ सकता है. क्विक ट्रीटमेंट के जरिए दिल का दौरा पड़ने पर जान बचाई जा सकती है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि हार्ट अटैक आने पर पीड़ित को बचाने के लिए सबसे पहले क्या किया जाना चाहिए, साथ ही ये भी जान लें कि हार्ट अटैक के लक्षणों को कैसे पहचानना है.

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हार्ट अटैक के लक्षणों को पहचानें | Recognize The Symptoms Of Heart Attack

  • सीने में दर्द और असहज महसूस होना
  • कुछ मामलों में पहले से कुछ संकेत नजर आने लगते हैं, जैसे अपच या मतली, अत्यधिक थकान, सांस की तकलीफ, अस्वस्थ महसूस करना आदि.

हार्ट अटैक आने पर कैसे बचाएं मरीज की जान

  • अगर आपके सामने किसी को हार्ट अटैक आता है तो आप बिना घबराए सबसे पहले मरीज को आरामदायक स्थिति में लाएं, इसके लिए आप मरीज को लिटाएं.
  • अब मरीज को एस्प्रिन की टेबलेट चूसने के लिए दें, इससे खून के थक्के नहीं जमते. एस्पिरिन लेने से आपकी धमनियों के अंदर बनने वाले रक्त के थक्के को तोड़ने में मदद मिल सकती है, जो दिल के दौरे के दौरान धमनी में रक्त के प्रवाह को रोकता है. डॉक्टर भी इस दवा को निगलने के बजाय चबाने की सलाह देते हैं, ताकि यह आपके सिस्टम में तेजी से प्रवेश कर सके.
  • यदि मरीज सांस नहीं ले रहा है या आपको नाड़ी नहीं मिल रही है, तो ब्लड सर्कुलेशन को बनाए रखने के लिए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू करें. सुनिश्चित करें कि आप पहले इमरजेंसी मेडिकल हेल्प के लिए कॉल करें और फिर सीपीआर शुरू कर दें. केवल हैंड्स-ओनली सीपीआर के लिए आप व्यक्ति की छाती के केंद्र पर जोर से और तेजी से धक्का दें, एक मिनट में लगभग 100 से 120 कंप्रेशन, जब तक कि पैरामेडिक्स नहीं आ जाते.
  • मरीज के मुंह में सांस भरे ताकि सांस की नली का ब्लॉकेज कम हो सके.

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अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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