How to Stay Active With 4 Hours of Sleep?: हम सभी जानते हैं कि अच्छी सेहत के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है. लेकिन, क्या आपने कभी ऐसे लोगों को देखा है जो सिर्फ 4-5 घंटे सोकर भी पूरे दिन एक्टिव, फ्रेश और एनर्जेटिक रहते हैं? न उन्हें नींद आती है, न थकान महसूस होती है. वहीं कुछ लोग 8 घंटे सोने के बाद भी सुस्ती और भारीपन से जूझते रहते हैं. तो सवाल उठता है आखिर कम नींद में भी ज्यादा एनर्जी कुछ लोगों में क्यों होती है? क्या यह कोई सुपरपावर है, या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक वजह छिपी है?
कम सोने के बाद भी एनर्जेटिक रहने का रहस्य क्या है?
1. जीन का खेल
वैज्ञानिकों के अनुसार कुछ लोगों में शॉर्ट स्लीपर जीन पाए जाते हैं. ऐसे लोग जैविक रूप से कम नींद में भी पूरी रिकवरी कर लेते हैं. उनका दिमाग और शरीर कम समय में ही खुद को रीचार्ज कर लेता है. यह क्षमता हर किसी में नहीं होती और यह जन्म से तय हो सकती है.
2. मजबूत बॉडी क्लॉक
हमारे शरीर में एक बायलॉजिकल क्लॉक होती है, जिसे बॉडी क्लॉक कहा जाता है. जिन लोगों की बॉडी क्लॉक मजबूत और बैलेंस होती है, वे कम नींद में भी बेहतर काम कर पाते हैं. उनका शरीर सही समय पर हार्मोन रिलीज करता है, जिससे सुबह उठते ही एनर्जी महसूस होती है.
3. अच्छी नींद की क्वालिटी
यह जरूरी नहीं कि जो कम सो रहा है, उसकी नींद खराब ही हो. कई लोग भले ही कम समय सोते हों, लेकिन उनकी नींद डीप और बिना रुकावट होती है. ऐसी नींद दिमाग और शरीर के लिए ज्यादा असरदार होती है, जिससे थकान जमा नहीं होती.
लाइफस्टाइल और आदतों का असर
कम नींद में भी एनर्जेटिक रहने वाले लोग अक्सर समय पर उठते-सोते हैं, सुबह की धूप लेते हैं, हल्की एक्सरसाइज या वॉक करते हैं, बहुत ज्यादा जंक फूड या स्क्रीन टाइम से बचते हैं. ये आदतें शरीर को प्राकृतिक रूप से एक्टिव बनाए रखती हैं.
क्या यह सभी के लिए सुरक्षित है?
यह समझना बहुत जरूरी है कि कम नींद में ज्यादा एनर्जी हर किसी के लिए नॉर्मल नहीं है. अगर कोई व्यक्ति नींद कम लेकर भी ठीक महसूस कर रहा है, तो यह उसकी बॉडी के हिसाब से हो सकता है। लेकिन ज़्यादातर लोगों में कम नींद लंबे समय में थकान, चिड़चिड़ापन, हार्मोन गड़बड़ी और इम्युनिटी कम होने का कारण बन सकती है.
कब सावधान हो जाएं?
अगर कम नींद के साथ ये लक्षण दिखें, तो सतर्क हो जाएं, बार-बार सिरदर्द, ध्यान लगाने में दिक्कत, गुस्सा या बेचैनी, दिन में झपकी आना यह संकेत हो सकते हैं कि शरीर अंदर ही अंदर थक रहा है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














