Rojana Subah Dhoop Lene Ke Fayde: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग घर या ऑफिस के अंदर ही रहते हैं, एसी और बंद कमरों में समय बिताते हैं, इससे शरीर में विटामिन डी की कमी बहुत आम हो गई है. अच्छी बात यह है कि सुबह की पहली धूप आपके लिए एक नेचुरल एनर्जी बूस्टर का काम करती है.
दिन में कितनी देर धूप लेनी चाहिए?
रोजाना सिर्फ 15-20 मिनट सुबह की धूप में समय बिताने से तन और मन दोनों को कई फायदे मिलते हैं. यह विटामिन डी बढ़ाती है, हड्डियां मजबूत करती है, मूड अच्छा रखती है, इम्यूनिटी बढ़ाती है और पूरे दिन ताजगी व ऊर्जा बनाए रखती है.
इसे भी पढ़ें: Apollo Doctor ने बताया बिना दवा के शुगर को कैसे कंट्रोल करें? बस लाइफस्टाइल में करें ये 5 बदलाव
धूप में बैठने से कौन सी बीमारी ठीक होती है?
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, दिन की शुरुआत सूरज की पहली किरणों से करने से शरीर में कई सकारात्मक बदलाव आते हैं. यह न सिर्फ विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को तेज करती है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाती है और पूरे दिन की वाइटैलिटी (जीवन शक्ति) बढ़ाती है. सुबह के समय सूरज की किरणों में अल्ट्रावॉयलेट (यूवी) किरणें सबसे प्रभावी होती हैं, जो त्वचा में विटामिन डी बनाती हैं. यह विटामिन हड्डियों को मजबूत करने के अलावा इम्यूनिटी बढ़ाता है, मूड अच्छा रखता है और नींद को नियमित करता है.
विशेषज्ञों का क्या कहना है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, सुबह की हल्की धूप शरीर की अग्नि (पाचन शक्ति) को सक्रिय करती है, जिससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है. यह ब्लड सर्कुलेशन को सुधारती है, जिससे ऑक्सीजन और पोषक तत्व पूरे शरीर तक बेहतर पहुंचते हैं.
सुबह की धूप कितनी देर तक लेनी चाहिए?
रोजाना 10-20 मिनट सुबह की धूप में बाहर निकलें. इससे सेरोटोनिन हार्मोन बढ़ता है, जो तनाव कम करता है और खुशी का एहसास देता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सुबह 7 से 10 बजे के बीच की धूप सबसे सुरक्षित और फायदेमंद होती है, क्योंकि इस समय यूवी किरणें कम हानिकारक होती हैं.
एक्सपर्ट के अनुसार सर्दियों में सुबह की धूप लेना खास तौर पर फायदेमंद है. यह सरल, मुफ्त और सबसे प्रभावी तरीका है. इसे दिनचर्या में शामिल करने से न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि मानसिक ताजगी भी मिलेगी.
Watch Video:
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














