Menstrual Pain Death : पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को अक्सर हम नार्मल बात है कहकर टाल देते हैं. लेकिन कर्नाटक के तुमकुरु जिले से आई एक खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया है. यहां 19 साल की एक लड़की, कीर्तना, ने असहनीय पीरियड पेन (Menstrual Pain) और पेट दर्द से तंग आकर अपनी जान दे दी. यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या पीरियड्स का दर्द सिर्फ एक शारीरिक तकलीफ है, या यह जान पर भी बन आ सकती है? आइए, इस दर्दनाक घटना के बहाने समझते हैं कि पीरियड पेन को कब गंभीरता से लेना चाहिए.
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क्या पीरियड पेन से जान जा सकती है?
सीधे तौर पर पीरियड पेन से मौत होना बहुत ही दुर्लभ है, लेकिन इसके पीछे छिपी बीमारियां और इससे होने वाला मानसिक तनाव जानलेवा साबित हो सकता है-
जब दर्द महीनों तक असहनीय बना रहे, तो यह इंसान को डिप्रेशन की ओर धकेल देता है. 'प्रीमेंस्ट्रुअल डिस्फोरिक डिसऑर्डर' (PMDD) जैसी स्थिति में सुसाइडल विचार आना आम है.
एंडोमेट्रियोसिस - Endometriosisइसमें गर्भाशय की परत बाहर फैलने लगती है, जिससे दर्द इतना बढ़ जाता है कि शरीर के अंग काम करना बंद कर सकते हैं.
इन्फेक्शनकभी-कभी पेट का दर्द किसी इन्फेक्शन या ट्यूमर का संकेत होता है, जिसे हम सिर्फ पीरियड का दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं.
कब हो जाएं सावधान? Warning Signs
- अगर पेनकिलर खाने के बाद भी दर्द कम न हो.
- दर्द के कारण बेहोशी आने लगे या बहुत ज्यादा उल्टी हो.
- पीरियड्स के अलावा भी पेट में लगातार भारीपन या दर्द रहे.
- दर्द की वजह से मन में बहुत ज्यादा उदासी या मरने के ख्याल आएं.
क्या सावधानी बरतें?
- पीरियड के दर्द को छिपाएं नहीं. अपने परिवार या डॉक्टर को खुलकर बताएं.
- अगर हर महीने दर्द बढ़ रहा है, तो अल्ट्रासाउंड जरूर कराएं.
- गर्म पानी की सिकाई ठीक है, लेकिन अगर समस्या बड़ी है तो मेडिकल हेल्प लें.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














