पति ब्रेन डेड, फिर भी मां बनेगी पत्नी, जानिए स्पर्म रिट्रीवल कितना सुरक्षित, क्या कहता है मेडिकल साइंस

क्या ब्रेन डेड पति से मां बन सकती हैं पत्नी? हाल ही में केरल हाई कोर्ट का एक फैसला चर्चा का विषय बन गया जब महिला ने अपने ब्रेन डेड पति से स्पर्म सुरक्षित रहने की अनुमति मांगी.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
केरल में महिला को अपने ब्रेन-डेड पति के स्पर्म सुरक्षित रखने की अनुमति दी गई है.

केरल हाई कोर्ट का एक हालिया फैसला चर्चा में है, जहां एक महिला को अपने ब्रेन-डेड पति के स्पर्म सुरक्षित रखने की अनुमति दी गई है. यह मामला सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि मेडिकल और कानूनी दृष्टि से भी बेहद इंपोर्टेंट है. जब कोई व्यक्ति ब्रेन-डेड होता है, तब उसकी स्थिति जीवन और मृत्यु के बीच मानी जाती है. ऐसे में भविष्य में मां बनने की इच्छा रखने वाली पत्नी के सामने कई सवाल खड़े होते हैं, क्या स्पर्म सुरक्षित किया जा सकता है? प्रक्रिया कैसे होती है? और क्या यह सुरक्षित है? मॉडर्न मेडिकल तकनीकों जैसे ART, IVF और ICSI ने इस तरह की संभावनाओं को हकीकत बना दिया है, लेकिन इसके साथ जोखिम और सीमाएं भी जुड़ी हैं.

ये भी पढ़ें: क्या संगीत सुनने से दिमाग सच में तेज होता है? एक्सपर्ट ने बताया दिमाग पर इसका असली असर

क्या है पोस्टह्यूमस स्पर्म रिट्रीवल (Posthumous Sperm Retrieval)?

यह एक मेडिकल प्रक्रिया है जिसमें किसी पुरुष की मृत्यु या ब्रेन-डेड स्थिति के बाद उसके शरीर से स्पर्म निकाले जाते हैं, ताकि भविष्य में संतान प्राप्ति के लिए उनका उपयोग किया जा सके. इस प्रक्रिया में समय सबसे अहम होता है आमतौर पर 24 से 36 घंटे के भीतर स्पर्म निकालना जरूरी होता है.

स्पर्म निकालने के तरीके | Methods for Extracting Sperm

1. सर्जिकल तरीका (Surgical Retrieval): अंडकोष या एपिडिडिमिस से सीधे स्पर्म निकाले जाते हैं.

2. एस्पिरेशन (Aspiration): सुई के जरिए बिना बड़ी सर्जरी के स्पर्म निकाले जाते हैं.

3. इलेक्ट्रो-इजैकुलेशन (Electro-ejaculation): हल्के इलेक्ट्रिक स्टिमुलेशन से स्पर्म प्राप्त करने की कोशिश की जाती है (कम मामलों में उपयोग).

स्पर्म को कैसे सुरक्षित रखा जाता है? | How is Sperm Preserved?

निकाले गए स्पर्म को क्रायोप्रिजर्वेशन (फ्रीजिंग) के जरिए लंबे समय तक सुरक्षित रखा जाता है. बाद में इन्हें IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) या ICSI तकनीक से उपयोग किया जाता है.

Advertisement

ये भी पढ़ें: वजन घटाना होगा अब सस्ता! जानें क्यों कम हो रहे हैं वेट लॉस इंजेक्शन के दाम, कैसे काम करती है ये दवा

प्रेग्नेंसी कैसे होती है (IVF और ICSI समझें)

IVF: लैब में एग और स्पर्म को मिलाकर भ्रूण बनाया जाता है, जिसे गर्भाशय में डाला जाता है.
ICSI: एक स्पर्म को सीधे एग में इंजेक्ट किया जाता है, यह ज्यादा एडवांस तकनीक है.

Advertisement

एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

डॉ. तमारा हंटर (फर्टिलिटी और रिप्रोडक्टिव मेडिसिन एक्सपर्ट) के अनुसार, पोस्टह्यूमस स्पर्म रिट्रीवल एक टाइम-सेंसिटिव प्रक्रिया है. आमतौर पर मृत्यु के 24-36 घंटे के भीतर स्पर्म निकालना जरूरी होता है, ताकि उनकी क्वालिटी बनी रहे. हालांकि यह तकनीकी रूप से संभव है, लेकिन हर केस में सफलता की गारंटी नहीं होती.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आजकल पोस्टह्यूमस स्पर्म रिट्रीवल संभव है, लेकिन यह पूरी तरह टाइम-डिपेंडेंट प्रक्रिया है. जितनी जल्दी स्पर्म निकाले जाएं, उतनी बेहतर उनकी क्वालिटी रहती है. हालांकि हर केस में सफलता की गारंटी नहीं होती, क्योंकि मरीज की हेल्थ और मौत का कारण भी असर डालता है.

ये भी पढ़ें: डिप्रेशन सिर्फ मूड नहीं, दिमाग पर भी गहरा असर डालता है, डॉक्टर से जानिए ब्रेन पर इसका खतरनाक प्रभाव

क्या यह प्रक्रिया सुरक्षित है?

  • मेडिकल तौर पर संभव और नियंत्रित प्रक्रिया है.
  • सफलता 100% नहीं होती.
  • स्पर्म की क्वालिटी समय और बीमारी पर निर्भर करती है.
  • कानूनी अनुमति और सहमति जरूरी होती है.

क्यों हर केस में सफलता नहीं मिलती?

  • देरी से स्पर्म निकालना.
  • पहले से बीमारी या बुखार.
  • अंगों का फेल होना.
  • शरीर की स्थिति का बिगड़ना.

पोस्टह्यूमस स्पर्म रिट्रीवल एक उम्मीद जरूर देता है, लेकिन यह आसान या फिक्स्ड सॉल्यूशन नहीं है. इसमें मेडिकल, कानूनी और भावनात्मक तीनों पहलुओं को समझना जरूरी है. सही समय, सही प्रक्रिया और विशेषज्ञों की सलाह ही इस जटिल फैसले को सफल बना सकती है.

Advertisement

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

Featured Video Of The Day
Iran ने उड़ाया Israel का परमाणु सेंटर! डिमोना पर मिसाइल अटैक, 100 घायल, ट्रंप का अल्टीमेटम | War