HPV Vaccine Myth: एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) एक ऐसा वायरस है जो आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकता है और इसी से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन दी जाती है. हालांकि कई लोगों को यह डर होता है कि अगर एचपीवी वैक्सीन ली जाए तो शायद पीरियड्स साइकिल बिगड़ सकती है, लेकिन सच इससे बहुत अलग है.
क्या एचपीवी वैक्सीन लेने से बिगड़ सकती है पीरियड्स साइकिल?
अब तक हुए वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि एचपीवी वैक्सीन का पीरियड्स साइकिल पर कोई स्थायी या नुकसानदायक असर नहीं पड़ता. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पीरियड्स के दौरान भी एचपीवी वैक्सीन लेना पूरी तरह सुरक्षित है. पीरियड्स होना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है और इसका वैक्सीन के असर से कोई सीधा संबंध नहीं होता. कुछ मामलों में वैक्सीन के बाद शरीर में हल्की-फुल्की प्रतिक्रिया हो सकती है, जैसे इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, हल्का बुखार या थकान, लेकिन यह आमतौर पर एक-दो दिन में अपने आप ठीक हो जाता है. इसका पीरियड्स साइकिल से कोई सीधा रिश्ता नहीं पाया गया है.
कभी-कभी ऐसा हो सकता है कि किसी लड़की या महिला को वैक्सीन के आसपास के समय में पीरियड्स थोड़ा पहले या थोड़ा देर से आ जाएं. लेकिन विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसा कई वजहों से हो सकता है, जैसे तनाव, नींद की कमी, डाइट में बदलाव, पढ़ाई या काम का दबाव, हार्मोनल बदलाव या यात्रा आदि. इसलिए अगर किसी को वैक्सीन लेने के बाद पीरियड्स में हल्का बदलाव महसूस हो जाए, तो जरूरी नहीं कि उसकी वजह वैक्सीन ही हो. ज्यादातर मामलों में साइकिल अपने आप फिर से सामान्य हो जाती है.
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एचपीवी वैक्सीन क्या करती है
दरअसल एचपीवी वैक्सीन का मुख्य काम शरीर को उस वायरस के खिलाफ सुरक्षा देना है जो आगे चलकर सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है. यही कारण है कि दुनिया भर में स्वास्थ्य संगठन और डॉक्टर लड़कियों और युवतियों को यह वैक्सीन लेने की सलाह देते हैं. कई देशों में तो यह टीका नियमित टीकाकरण कार्यक्रम का हिस्सा भी बन चुका है, क्योंकि इससे कैंसर की रोकथाम में काफी मदद मिलती है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














