चेहरा सूजे, वजन बढ़े? हो सकता है कुशिंग सिंड्रोम(Cushing’s syndrome), जानें लक्षण और इलाज

कुशिंग सिंड्रोम ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में कोर्टिसोल नाम का हार्मोन बहुत ज़्यादा बनने लगता है. जब कोर्टिसोल ज़रूरत से ज़्यादा हो जाता है, तो शरीर में कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं. यह बीमारी कम देखने को मिलती है, लेकिन समय पर इलाज न मिले तो यह बहुत गंभीर भी हो सकती है.

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Cushing’s syndrome
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Cushing's syndrome: कुशिंग सिंड्रोम ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में कोर्टिसोल (Cortisol) नाम का हार्मोन बहुत ज़्यादा बनने लगता है. जब कोर्टिसोल ज़रूरत से ज़्यादा हो जाता है, तो शरीर में कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं. यह बीमारी कम देखने को मिलती है, लेकिन समय पर इलाज न मिले तो यह बहुत गंभीर भी हो सकती है.

यह बीमारी क्यों होती है?

कुशिंग सिंड्रोम कई कारणों से हो सकता है, जैसे:

  • दिमाग में मौजूद पिट्यूटरी ग्रंथि (Pitituary Gland) में छोटा सा ट्यूमर (Tumour) होना.
  • एड्रीनल ग्रंथियों (Adrenal Glands) में कोई गड़बड़ी होना.
  • लंबे समय तक स्टेरॉयड (Steroid) दवाओं का इस्तेमाल करना.

इन वजहों से शरीर कोर्टिसोल बहुत अधिक बना देता है.

लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं

कुशिंग सिंड्रोम के लक्षण एकदम से नहीं आते. वे धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए कई लोग इन्हें सामान्य कमजोरी या मोटापा मानकर अनदेखा कर देते हैं. इसके आम लक्षण हैं:

  • चेहरे का गोल और सूजा हुआ दिखना.
  • पेट और गर्दन पर फैट बढ़ना.
  • वजन तेजी से बढ़ना.
  • त्वचा पतली होना और आसानी से निशान पड़ना.
  • बैंगनी स्ट्रेच मार्क्स दिखना.
  • हमेशा थकान महसूस होना.
  • हाई ब्लड प्रेशर और शुगर का बढ़ना.

2024 में कॉमेडियन एमी शूमर ने बताया था कि उन्हें कुशिंग सिंड्रोम है. उन्होंने चेहरे की सूजन और वजन बढ़ने जैसे लक्षण बताए थे, जिससे लोगों में इस बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ी.

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समय पर पहचान क्यों ज़रूरी है?

अगर बीमारी देर से पता चले, तो शरीर  के कई सिस्टम्स पर असर पड़ता है. इससे:

  • शुगर बढ़ सकती है.
  • हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है.
  • बार-बार संक्रमण हो सकता है.
  • ब्लड क्लॉट और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है.

इसीलिए समय पर डॉक्टर के पास जाना बहुत ज़रूरी है.

कुशिंग सिंड्रोम का इलाज 

अधिकतर मामलों में डॉक्टर उस कारण को ठीक करने की कोशिश करते हैं जिसकी वजह से कोर्टिसोल बढ़ रहा है. कई बार सर्जरी की जाती है. लेकिन जिन लोगों में सर्जरी संभव नहीं होती, उनके लिए अब नई दवाएं उपलब्ध हैं. ताजा शोध बताते हैं कि ये दवाएं लंबे समय तक कोर्टिसोल को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं.

कुशिंग सिंड्रोम का इलाज संभव है, बस समय पर पहचान ज़रूरी है. अगर किसी को चेहरे की सूजन, वजन बढ़ना, थकान या स्ट्रेच मार्क्स जैसे बदलाव नज़र आएँ, तो एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से सलाह अवश्य लेनी चाहिए.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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