आजकल के समय में स्मोकिंग लोगों के लिए बहुत आम सी चीज हो चुकी है. लोग तेजी से स्मोकिंग के पीछे भाग रहे हैं. स्मोकिंग को लेकर अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि अगर कोई व्यक्ति हैवी स्मोकर नहीं है, बल्कि दिन में सिर्फ एक या दो सिगरेट ही पीता है, तो क्या इसे सुरक्षित माना जा सकता है? इसपर NDTV.COM को दिए एक इंटरव्यू में एम्स के सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ सुनील कुमार ने बताया, कि स्मोकिंग कोई बारगेनिंग वाली चीज नहीं है. यह कहना कि “10 सिगरेट की जगह 1 सिगरेट पी रहे हैं” सही दिशा जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि आप सेफ हो गए हैं. हकीकत यह है कि कोई भी सिगरेट चाहे एक हो, दो हो या महीने में एक बार पूरी तरह से सेफ नहीं होती.
हैवी स्मोकर्स में रिस्क ज्यादा, लेकिन लाइट स्मोकर्स भी सेफ नहीं
यह सच है कि जो लोग हैवी स्मोकिंग (Heavy Smoking) करते हैं, उनमें कैंसर (Cancer), हार्ट डिजीज और लंग डिजीज का खतरा ज्यादा देखा जाता है. लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि कम सिगरेट पीने वालों में रिस्क खत्म हो जाता है. डॉ. सुनील के मुताबिक, हर स्मोकर में कैंसर का जोखिम मौजूद रहता है. लाइट स्मोकिंग से रिस्क कम हो सकता है, लेकिन खत्म नहीं होता. इसके अलावा, “सेफ स्मोकर” जैसी कोई कैटेगरी मेडिकल साइंस में नहीं है.
एक सिगरेट शरीर में क्या करती है?
डॉ. सुनील के मुताबिक, एक सिगरेट भी शरीर में कई तरह का नुकसान करती है-
- टॉक्सिन्स (Toxins) सीधे खून में जाते हैं
- फेफड़ों और गले की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है
- DNA डैमेज की प्रक्रिया शुरू हो जाती है
- इम्यून सिस्टम कमजोर होता है
डॉ. सुनील का कहना है कि स्मोकिंग को कम करना समाधान नहीं, छोड़ना ही समाधान है. अगर स्मोकिंग छूट नहीं रही है तो आप Quit Smoking Programs जॉइन कर सकते हैं. इसके अलावा निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (NRT) लें.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














