क्या पीरियड्स के ब्लड से दूर हो सकता है अल्जाइमर का खतरा? रिसर्च ने खोले चौंकाने वाले राज

अल्जाइमर की बीमारी उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा देखने को मिलती है और इसका पूरी तरह से इलाज अभी तक उपलब्ध नहीं है. ऐसे में अगर पीरियड्स से जुड़े स्टेम सेल भविष्य में इस बीमारी के इलाज में मददगार साबित होते हैं.

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पीरियड्स के दौरान निकलने वाले खून में एक खास तरह के स्टेम सेल पाए जाते हैं.

महिलाओं के पीरियड्स को अक्सर सिर्फ एक सामान्य प्रक्रिया माना जाता है. हर महीने होने वाला यह चक्र जीवन का हिस्सा है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसी पीरियड्स के खून में भविष्य की बड़ी बीमारियों का इलाज छिपा हो सकता है? हाल ही में आई कुछ वैज्ञानिक रिसर्च ने इस विषय पर नई उम्मीद जगाई है. वैज्ञानिकों का कहना है कि पीरियड्स के खून में पाए जाने वाले खास स्टेम सेल कई गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोगी साबित हो सकते हैं, जिनमें अल्जाइमर जैसी दिमागी बीमारी भी शामिल है.

अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है जिसमें याददाश्त धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है. यह बीमारी उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा देखने को मिलती है और इसका पूरी तरह से इलाज अभी तक उपलब्ध नहीं है. ऐसे में अगर पीरियड्स से जुड़े स्टेम सेल भविष्य में इस बीमारी के इलाज में मददगार साबित होते हैं, तो यह मेडिकल साइंस के लिए बड़ी उपलब्धि होगी.

क्या हैं मेंस्ट्रुअल स्टेम सेल?

पीरियड्स के दौरान निकलने वाले खून में एक खास तरह के स्टेम सेल पाए जाते हैं, जिन्हें मेसेंकाइमल स्टेम सेल कहा जाता है. स्टेम सेल ऐसे विशेष सेल होते हैं जो शरीर में अलग-अलग तरह के सेल में बदलने की क्षमता रखते हैं. उदाहरण के लिए ये नसों, हड्डियों, मांसपेशियों या अन्य टिशू के सेल में बदल सकते हैं. मेंस्ट्रुअल स्टेम सेल की खास बात यह है कि इन्हें आसानी से और बिना किसी सर्जरी के इकट्ठा किया जा सकता है. लैब में इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है और फिर रिसर्च या इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

क्या कहती है स्टडी?

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में छपे एक शोध में पाया गया है कि पीरियड्स के खून से निकाले गए मेसेनकाइमल स्टेम सेल (MenSCs) को अल्जाइमर-जैसी पैथोलॉजी वाले माइस (बिल्लियों की तरह डिजाइन किए गए माउस मॉडल) के दिमाग में ट्रांसप्लांट (इंजेक्ट) करने से याददाश्त और सीखने की क्षमता में सुधार हुआ, साथ ही अल्जाइमर से जुड़े β-amyloid plaques और tau प्रोटीन की समस्याएं कम हुईं. इस शोध में यह भी देखा गया कि ये सेल एमिलॉयड को तोड़ने वाले एंजाइमों को बढ़ाते हैं और सूजन को कम करते हैं, जिससे दिमाग की कोशिकाओं को होने वाले नुकसान को रोकने में मदद मिली.

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अल्जाइमर में कैसे मिल सकती है मदद?

शुरुआती शोध में यह पाया गया है कि ये स्टेम सेल दिमाग की डैमेज सेल्स की मरम्मत में मदद कर सकते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि ये सेल सूजन कम करने और नर्व सेल को दोबारा एक्टिव करने में सहायक हो सकते हैं. हालांकि अभी यह रिसर्च शुरुआती स्टेज में है और इंसानों पर बड़े स्तर पर परीक्षण बाकी हैं.

अन्य बीमारियों में संभावनाएं

अल्जाइमर के अलावा इन स्टेम सेल का उपयोग डायबिटीज, दिल के टिशू की मरम्मत और घाव भरने में भी किया जा सकता है. कुछ शोध यह भी संकेत देते हैं कि ये फर्टिलिटी सुधारने में मदद कर सकते हैं.

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हालांकि यह समझना जरूरी है कि यह सब अभी रिसर्च के लेवल पर है. इसे पक्का इलाज नहीं कहा जा सकता. लेकिन, एक बात साफ है अगर पीरियड्स से जुड़ी झिझक और गलतफहमियां दूर की जाएं, तो यही सामान्य प्रक्रिया भविष्य में रीजेनरेटिव मेडिसिन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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