बरसात का मौसम आते ही जहां एक तरफ गर्मी से राहत मिलती है, वहीं दूसरी तरफ जमीन के नीचे रहने वाले खतरनाक जीव जैसे सांप (Snakes) बाहर निकलने लगते हैं. ऐसे में सांप काटने (Snake Bite) की खबरें अचानक बहुत बढ़ जाती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सांप के काटने पर जितने लोग जहर से नहीं मरते, उससे कहीं ज्यादा लोग डर, घबराहट और गलतियों की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं? कोई घाव को मुंह से चूसने लगता है, तो कोई झाड़ फूंक के चक्कर में कीमती समय बर्बाद कर देता है.
आखिर कैसे पहचानें कि सांप जहरीला था या नहीं? सांप काटने के बाद क्या पानी पीना चाहिए? क्या वाकई प्याज या पेशाब से जहर उतर जाता है? आज इस FAQ स्टोरी में हम आपको सांप के जहर, उसके लक्षणों और तुरंत किए जाने वाले घरेलू उपायों से जुड़े हर जरूरी सवाल का जवाब बेहद आसान और मजेदार भाषा में देंगे.
सवाल नंबर 1. कैसे पता चलेगा कि सांप ने काटा है? | Sanp Katne Ka Nishan
निशान देखकर ऐसे पहचानें: अंधेरे में या झाड़ियों में अगर कोई चीज चुभ जाए, तो लोग समझ नहीं पाते कि सांप ने काटा है या किसी कीड़े ने. इसे पहचानने का सबसे आसान तरीका है जख्म का निशान देखना.
- जहरीला सांप: अगर सांप जहरीला (जैसे कोबरा या करैत) है, तो त्वचा पर सुई चुभने जैसे दो साफ और गहरे दांतों के निशान (Fang Marks) दिखाई देंगे.
- बिना जहर वाला सांप: अगर सांप में जहर नहीं है, तो वहां दो दांतों के बजाय छोटे छोटे कई सारे दांतों का एक कतार (रो) जैसा निशान दिखेगा.
आम गलतियां और लक्षण:
लोग अक्सर सोचते हैं कि बिना जहर वाले सांप के काटने पर दर्द नहीं होगा, यह बहुत बड़ी भूल है. दर्द और थोड़ा खून दोनों मामलों में निकल सकता है. अगर जहरीले सांप ने काटा है, तो निशान के आसपास की जगह तुरंत नीली या काली पड़ने लगती है और वहां बहुत तेज सूजन और जलन शुरू हो जाती है.
सवाल नंबर 2. सांप काटने पर तुरंत क्या करना चाहिए?
- ये काम सबसे पहले करें: सांप के काटने पर पहला एक घंटा 'गोल्डन ऑवर' होता है, जिसमें सही कदम उठाना जिंदगी बचा सकता है.
- मरीज को शांत रखें: सबसे पहले मरीज को घबराने न दें. डरने से दिल की धड़कन तेज होती है, जिससे जहर खून में और तेजी से दौड़ने लगता है.
- अंग को स्थिर रखें: जिस हाथ या पैर पर सांप ने काटा है, उसे हिलाने डुलाने से रोकें. उसे दिल के लेवल से नीचे रखें.
- कपड़े और गहने हटाएं: पैर या हाथ में पहनी हुई अंगूठी, घड़ी, चूड़ी या टाइट कपड़े तुरंत उतार दें, क्योंकि सूजन आने पर ये नसें ब्लॉक कर सकते हैं.
लोग क्या कर बैठते हैं गड़बड़?
अक्सर लोग घबराहट में मरीज को इधर उधर भगाने लगते हैं या खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने को कहते हैं. मरीज को जितना हो सके आराम की पोजीशन में रखें और तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं.
सवाल नंबर 3. सांप काटने पर प्राथमिक उपचार (First Aid) क्या है?
क्या करना सही है: अस्पताल पहुंचने से पहले जो मदद आप घर पर दे सकते हैं, उसे फर्स्ट एड कहते हैं.
जख्म को साफ करें: काटने वाली जगह को तुरंत बहते हुए साफ पानी और साबुन से हल्के हाथों से धोएं.
हल्की पट्टी बांधें: घाव के थोड़े ऊपर एक साफ कपड़े या क्रेप बैंडेज से हल्की पट्टी बांधें. पट्टी इतनी ढीली होनी चाहिए कि उसमें एक उंगली आसानी से जा सके.
ये पुरानी गलतियां बिलकुल न दोहराएं:
फिल्मों की तरह घाव पर चीरा लगाना, ब्लेड से काटना, या मुंह से जहर चूसने (Sucking) की गलती कभी न करें. इससे जहर चूसने वाले के पेट में भी जा सकता है और मरीज का इंफेक्शन बढ़ सकता है. साथ ही, घाव के ऊपर रस्सी को इतनी कसकर कभी न बांधें कि वहां का ब्लड सर्कुलेशन ही पूरी तरह बंद हो जाए, इससे पैर या हाथ काटने की नौबत आ सकती है.
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सवाल नंबर 4. सांप के काटने के कितने समय बाद लक्षण दिखाई देंगे?
लक्षण दिखने का टाइमिंग क्या है: सांप के काटने के बाद लक्षण कितनी जल्दी दिखेंगे, यह इस बात पर निर्भर करता है कि सांप कितना जहरीला था और उसने शरीर के किस हिस्से पर काटा है.
तुरंत दिखने वाले लक्षण: कोबरा या रसेल वाइपर जैसे खतरनाक सांपों का असर 10 से 30 मिनट के भीतर ही दिखने लगता है. काटने वाली जगह पर भयंकर दर्द और सूजन आ जाती है.
घंटों बाद दिखने वाले लक्षण: कुछ सांपों का जहर धीमा होता है, जिसका असर दिखने में 1 से 2 घंटे का समय लग सकता है.
इंसानी लापरवाही: लोग सोचते हैं कि अगर आधे घंटे तक कुछ नहीं हुआ, तो सांप जहरीला नहीं था और वे डॉक्टर के पास जाना टाल देते हैं. यह लापरवाही जानलेवा हो सकती है क्योंकि कुछ नर्वस सिस्टम को डैमेज करने वाले जहर धीरे धीरे असर दिखाते हैं.
सवाल नंबर 5. सांप का जहर कितने घंटे में फैलता है?
जहर फैलने की रफ्तार: सांप का जहर हमारे खून और लिम्फेटिक सिस्टम के जरिए पूरे शरीर में फैलता है. आम तौर पर एक जहरीले सांप का जहर पूरी बॉडी में फैलने और अंगों को डैमेज करने में 2 से 4 घंटे का समय लेता है.
न नसों में कट: अगर सांप का दांत सीधे किसी बड़ी खून की नस (Vein या Artery) में घुस गया है, तो जहर कुछ ही मिनटों में दिल और दिमाग तक पहुंच सकता है.
मसल्स में कट: अगर जहर सिर्फ मांस (Muscles) में गया है, तो इसे फैलने में थोड़ा ज्यादा वक्त मिलता है.
गलती से बढ़ता है खतरा: अगर मरीज काटने के बाद दौड़ता है, चीखता चिल्लाता है, या शराब/कैफीन जैसी चीजें पी लेता है, तो ब्लड प्रेशर बढ़ने से जहर महज 15 20 मिनट में ही पूरे शरीर को अपनी गिरफ्त में ले लेता है.
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सवाल नंबर 6. सांप के काटने के बाद कितने घंटे नहीं सोना चाहिए?
सोने देने की मनाही क्यों है:
सांप काटने के बाद मरीज को कम से कम 24 घंटे तक डॉक्टर की देखरेख में रहना चाहिए और शुरुआत के 5 से 6 घंटे तो बिलकुल भी सोने नहीं देना चाहिए.
लक्षण छिप जाते हैं:
अगर मरीज सो जाता है, तो डॉक्टर यह नहीं समझ पाते कि मरीज बेहोश हो रहा है या सिर्फ नॉर्मल नींद में है.
सांस रुकने का डर: न्यूरोटॉक्सिक जहर (जैसे करैत का जहर) नींद में ही सांस की नली को ब्लॉक कर देता है और मरीज को पता भी नहीं चलता.
घरवाले क्या करते हैं भूल:
मरीज अक्सर जहर के असर से सुस्ती महसूस करता है और सोने की जिद करता है. घरवाले सोचते हैं कि आराम करने से ठीक हो जाएगा और उसे सोने देते हैं, जो कि सबसे बड़ी और घातक भूल साबित होती है. मरीज से लगातार बातें करते रहें और उसे जगाए रखें.
सवाल नंबर 7. क्या होते हैं सांप काटने के लक्षण? (Sanp Katne Ke Lakshan)
शरीर में दिखने वाले बड़े बदलाव: जहर जैसे जैसे शरीर के अंदर जाता है, मरीज की हालत बिगड़ने लगती है. इसके मुख्य लक्षण इस प्रकार हैं:
आंखों और चेहरे पर असर: पलकें भारी होने लगती हैं, धुंधला दिखाई देता है और बोलने या निगलने में तकलीफ होती है.
पेट और सांस की दिक्कत: पेट में तेज मरोड़ उठना, उल्टी होना, बहुत ज्यादा लार (Thick Saliva) निकलना और सांस लेने में भारीपन महसूस होना.
कमजोरी और बेहोशी: पूरे शरीर की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं, हाथ पैर काम करना बंद कर देते हैं और मरीज को चक्कर आने लगते हैं.
लोग कहाँ धोखा खा जाते हैं?
कई बार लोग उल्टी या घबराहट को सिर्फ डर का नाम दे देते हैं. याद रखें, अगर सांप काटने के बाद मरीज के मुंह से झाग आ रहा है या उसकी नाड़ी (Pulse) कमजोर हो रही है, तो यह खतरे की घंटी है.
सवाल नंबर 8. क्या सांप के काटने के लक्षण 3 दिन बाद दिखाई दे सकते हैं?
क्या ऐसा सच में होता है?
यह सवाल बहुत से लोगों को डराता है. इसका सीधा जवाब है नहीं, ऐसा नहीं होता. दुनिया के किसी भी जहरीले सांप का जहर शरीर में जाने के बाद 3 दिन यानी 72 घंटे तक शांत नहीं बैठ सकता. जहर का असर ज्यादा से ज्यादा कुछ घंटों के भीतर आ ही जाता है.
फिर यह अफवाह क्यों फैली?
ड्राई बाइट (Dry Bite): कई बार जहरीला सांप सिर्फ डराने के लिए काटता है और शरीर में जहर नहीं छोड़ता. लोग सोचते हैं कि 3 दिन बाद जहर असर करेगा, जो सिर्फ अंधविश्वास है.
लोकल इंफेक्शन: बिना जहर वाले सांप के काटने पर अगर 3 दिन बाद वहां दर्द या मवाद (Pus) बनता है, तो वह सांप का जहर नहीं बल्कि टिटनेस या गंदे बैक्टीरिया का इंफेक्शन होता है. लोग इसे सांप का जहर समझ बैठते हैं.
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सवाल नंबर 9. एंटी वेनम इंजेक्शन कितने रुपए का आता है?
इसकी कीमत और उपलब्धता:
सांप के जहर की इकलौती काट एंटी वेनम इंजेक्शन (Anti Snake Venom ASV) ही है.
सरकारी अस्पतालों में:
भारत के लगभग सभी सरकारी जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में यह इंजेक्शन बिलकुल मुफ्त (Free) लगाया जाता है.
प्राइवेट अस्पतालों में: अगर आप किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में जाते हैं, तो एक वायल (Vial) की कीमत 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये के बीच होती है.
बजट और इलाज की आम गलती:
मरीज को ठीक करने के लिए सांप के जहर के हिसाब से 10 से 20 या कभी कभी उससे भी ज्यादा इंजेक्शन देने पड़ते हैं, जिससे प्राइवेट का बिल बढ़ जाता है. लोग कीमत के डर से सरकारी अस्पताल जाने से कतराते हैं, जबकि सरकारी में इसका सबसे बेस्ट और मुफ्त इलाज मिलता है.
सवाल नंबर 10. सांप काटने के बाद कौन सी दवा दी जाती है?
डॉक्टर कौन सा इलाज करते हैं?
हॉस्पिटल पहुंचते ही डॉक्टर मरीज को कोई घरेलू दवा नहीं बल्कि लाइफ सेविंग ड्रग्स देते हैं.
- एंटी वेनम (ASV): यह सबसे मुख्य दवा है जो जहर को बेअसर करती है. भारत में 'पॉलीवैलेंट' एंटी वेनम मिलता है, जो कोबरा, रसेल वाइपर, करैत और सॉ स्केल्ड वाइपर चारों के जहर पर काम करता है.
- टिटनेस का इंजेक्शन: इंफेक्शन से बचने के लिए यह तुरंत दिया जाता है.
- एंटीबायोटिक्स और पेनकिलर: घाव को सुखाने और दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर सपोर्टिव दवाएं देते हैं.
खुद डॉक्टर बनने की गलती:
इंटरनेट से पढ़कर या किसी के कहने पर मरीज को खुद से कोई भी एस्पिरिन (Aspirin) या डिस्प्रिन जैसी दवा न दें. वाइपर सांप के काटने पर खून पहले ही पतला हो जाता है, ऐसे में ये दवाएं देने से अंदरूनी ब्लीडिंग शुरू हो सकती है.
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सवाल नंबर 11. सांप के काटने पर क्या खाना चाहिए?
खाने पीने का सही नियम: सांप काटने के बाद मरीज को कुछ भी खिलाना सख्त मना होता है. जब तक मरीज अस्पताल न पहुंच जाए और डॉक्टर उसे पूरी तरह सुरक्षित न घोषित कर दें, तब तक उसे ठोस खाना बिलकुल न दें.
उल्टी का खतरा: जहर के असर से पेट की मांसपेशियां सुस्त हो जाती हैं, जिससे कुछ भी खाते ही तुरंत उल्टी (Vomiting) आ सकती है.
दम घुटने का डर: अगर बेहोशी की हालत में मरीज को कुछ खिलाया जाए, तो खाना फूड पाइप के बजाय सांस की नली में फंस सकता है, जिससे दम घुटने से मौके पर ही मौत हो सकती है.
बुजुर्गों की गलत सलाह: कुछ गांवों में लोग जहर चेक करने के लिए मरीज को नीम की पत्तियां या मिर्च चबाने को देते हैं. वे सोचते हैं कि कड़वा या तीखा न लगे तो जहर चढ़ गया है. यह बहुत ही बकवास और खतरनाक तरीका है, इससे मरीज का समय बर्बाद होता है.
सवाल नंबर 12. सांप काटने के बाद पानी पीना चाहिए या नहीं?
- पानी पीने का सच:सांप काटने के बाद मरीज को पानी बिलकुल भी नहीं देना चाहिए, भले ही उसे कितनी भी तेज प्यास क्यों न लगी हो. जहर चढ़ने पर अक्सर मरीज का गला सूखता है और वह पानी मांगता है.
- चोकिंग (Choking) का खतरा: कोबरा या करैत का जहर गले की मांसपेशियों को पैरालाइज (लकवाग्रस्त) कर देता है. ऐसे में पानी पीने पर वह फेफड़ों में जा सकता है.
- डॉक्टर की परमिशन: जब तक अस्पताल में एंटी वेनम कोर्स शुरू न हो जाए, मरीज को एक बूंद पानी भी न दें.
प्यास लगने पर क्या करें?
अगर मरीज का गला बहुत ज्यादा सूख रहा है, तो एक साफ कपड़े को पानी में भिगोकर सिर्फ उसके होंठों को पोंछ दें या उसे गीला कर दें, लेकिन पानी अंदर न निगलने दें.
सवाल नंबर 13. क्या पेशाब सांप के जहर को बेअसर करता है?
इस अजीबोगरीब दावे का सच: सोशल मीडिया या कुछ पुराने देहाती टोटकों में यह दावा किया जाता है कि सांप काटने वाली जगह पर इंसान का पेशाब (Urine) लगाने या पीने से जहर मर जाता है. यह पूरी तरह से एक बकवास और साइंटिफिक रूप से गलत बात है.
नुकसान क्या होता है?
- गंभीर इंफेक्शन: पेशाब में शरीर के गंदे वेस्ट प्रोडक्ट्स और बैक्टीरिया होते हैं. इसे खुले घाव पर लगाने से जहर तो दूर नहीं होगा, लेकिन वहां बहुत बुरा बैक्टीरियल इंफेक्शन जरूर हो जाएगा.
- समय की बर्बादी: ऐसे गंदे और अजीब नुस्खों के चक्कर में लोग अस्पताल जाने में देरी कर देते हैं, जो मरीज की मौत का कारण बनती है. सांप के जहर का इलाज सिर्फ और सिर्फ एंटी वेनम है.
सवाल नंबर 14. क्या प्याज सांप के जहर को बेअसर करता है?
प्याज और सरसों तेल के लेप का सच: भारत के ग्रामीण इलाकों में यह बहुत पुराना अंधविश्वास है कि प्याज का रस पिलाने या प्याज और सरसों के तेल का पेस्ट बनाकर घाव पर लगाने से सांप का जहर खिंच जाता है. विज्ञान इस बात को सिरे से खारिज करता है.
प्याज से क्यों नहीं मरता जहर?
सांप का जहर त्वचा की ऊपरी सतह पर नहीं रहता, वह काटने के बाद सीधे टिश्यूज और खून के बहाव में शामिल हो जाता है. प्याज का रस खून के अंदर जाकर जहर को न्यूट्रलाइज नहीं कर सकता. हां, प्याज में थोड़े एंटी सेप्टिक गुण होते हैं जो आम कीड़े के काटने पर सूजन कम कर सकते हैं, लेकिन कोबरा या करैत जैसे जहरीले सांप के सामने प्याज पूरी तरह बेअसर है.
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सवाल नंबर 15. कौन सा जानवर सांप के काटने से नहीं मरता है?
- प्रकृति के वो अनोखे जीव: यह कुदरत का एक बेहतरीन करिश्मा है कि कुछ जानवरों पर सांप के खतरनाक जहर का भी कोई असर नहीं होता.
- नेवला (Mongoose): सांप का सबसे बड़ा दुश्मन नेवला इसके जहर से नहीं मरता. नेवले की बॉडी में ऐसे रिसेप्टर्स होते हैं, जिन पर सांप का न्यूरोटॉक्सिन जहर बाइंड (जुड़) ही नहीं पाता.
- हनी बेजर (Honey Badger): यह दुनिया का सबसे निडर जानवर माना जाता है. कोबरा जैसा सांप भी अगर इसे काट ले, तो यह कुछ घंटों के लिए सो जाता है और उठने के बाद फिर से नॉर्मल हो जाता है.
- घोड़ा (Horse): घोड़ों पर भी सांप के जहर का असर बहुत कम होता है. असल में, सांप का एंटी वेनम इंजेक्शन बनाने के लिए भी घोड़े के शरीर में ही कम मात्रा में सांप का जहर डाला जाता है और उसकी बॉडी से एंटीबॉडीज निकाली जाती हैं.
सवाल नंबर 16. कौन सा सांप के काटने से सबसे तेज मौत होती है?
दुनिया के सबसे खतरनाक शिकारी:
वैसे तो दुनिया में सबसे जहरीला सांप 'इनलैंड ताइपन' है, लेकिन अगर हम सबसे फुर्तीले और तेज मौत देने वाले सांपों की बात करें तो कुछ नाम सबसे आगे हैं:
ब्लैक मांबा (Black Mamba):
अफ्रीका में पाया जाने वाला यह सांप बेहद आक्रामक होता है. इसके काटने के बाद अगर इलाज न मिले, तो इंसान महज 20 से 45 मिनट के भीतर दम तोड़ देता है. इसके जहर की सिर्फ दो बूंदें इंसान को सुलाने के लिए काफी हैं.
रसेल वाइपर (Russell's Viper):
भारत में पाए जाने वाले इस सांप का हमला इतना तेज होता है कि यह पलक झपकते ही काट लेता है. इसका जहर अंदरूनी अंगों से इतना खून बहाता है कि सही समय पर इलाज न मिलने पर इंसान तड़प तड़प कर मर जाता है.
सवाल नंबर 17. सांप किस गंध से नफरत करते हैं?
- इन चीजों की महक से भागते हैं सांप: सांपों की सूंघने की शक्ति बहुत तेज होती है. वे अपने जीभ की मदद से आसपास की गंध को भांपते हैं. कुछ ऐसी चीजें हैं जिनकी तेज खुशबू सांपों को बिलकुल बर्दाश्त नहीं होती:
- लोबान और कड़वा तेल: घर के आसपास लोबान का धुआं करने या नीम के तेल का छिड़काव करने से सांप दूर रहते हैं.
- लहसुन और प्याज का पेस्ट: लहसुन में 'सल्फर' होता है, जिसकी तीखी गंध सांपों को विचलित कर देती है. पानी में लहसुन पीसकर स्प्रे करने से सांप उस जगह नहीं आते.
- नेफ्थलीन बॉल्स (कपूर की गोलियां): अलमारियों या कोनों में नेफ्थलीन की गोलियां रखने से भी इसकी गंध के डर से सांप रास्ता बदल लेते हैं.
सवाल नंबर 18. कौन सा पौधा लगाने से घर में सांप नहीं घुसता है?
ये पौधे रखेंगे सांपों को दूर: अगर आप चाहते हैं कि आपके गार्डन या घर के अंदर सांप कभी कदम न रखें, तो आप कुछ खास नेचुरल पौधे लगा सकते हैं:
सर्पगंधा (Rauwolfia Serpentina): इस पौधे को सांपों का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता है. इसकी जड़ों और पत्तों से एक खास गंध निकलती है,जिससे सांप दूर भागते हैं.
लेमन ग्रास (Lemongrass): इसकी तेज नींबू जैसी खुशबू इंसानों को अच्छी लगती है, लेकिन सांपों को इससे नफरत होती है.
गेंदे का फूल (Marigold): गेंदे के पौधे की जड़ों से एक तीखी गंध निकलती है जो जमीन के अंदर रहने वाले कीड़ों और सांपों को घर के पास आने से रोकती है.
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