योग के ये 10 नियम बदल देंगे आपकी जिंदगी: सिर्फ कसरत नहीं, जीने का सही तरीका है योग

योग के ये नियम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन भी बनाए रखते हैं. इससे तनाव, चिंता और थकान जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है.

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क्या आप जानते हैं कि बिना सही नियमों के योग करना आपको पूरा फायदा नहीं देता?

Yoga 10 golden rule : भारतीय संस्कृति में योग का इतिहास लगभग 5000 साल पुराना है. 'योग' शब्द संस्कृत के 'युज' से निकला है, जिसका सीधा सा मतलब है जुड़ना या मिलना.ऋग्वेद जैसे हमारे पुराने ग्रंथों में भी योग का जिक्र मिलता है. योग सिर्फ बॉडी बनाने के लिए नहीं है, बल्कि यह मन की शांति, फोकस और खुद को जानने का एक जरिया है. आज पूरी दुनिया इसे 'योगा' के नाम से अपना रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना सही नियमों के योग करना आपको पूरा फायदा नहीं देता? आइए जानते हैं योग के वो 10 आसान नियम जिन्हें अपनाकर आप अपनी सेहत सुधार सकते हैं.

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योग का पहला नियम

सबसे पहला नियम है योग करने से पहले तन और मन की स्वच्छता. योग की शुरुआत से पहले न केवल शरीर साफ होना चाहिए, बल्कि आस-पास का वातावरण भी स्वच्छ होना चाहिए. यह इसलिए जरूरी है क्योंकि स्वच्छता से मन शांत रहता है और ध्यान केंद्रित करना आसान होता है.

योग का दूसरा नियम

दूसरा नियम है योगासनों को खाली पेट करना. खाने के तुरंत बाद योग करने से पेट पर दबाव पड़ता है और आसनों का सही फायदा नहीं मिलता. अगर कमजोरी महसूस हो तो गुनगुने पानी में थोड़ी शहद मिलाकर पी सकते हैं.

योग का तीसरा नियम

तीसरा नियम है मूत्र और आंतों का खाली होना. इससे शरीर को आराम मिलता है और योग करते समय किसी भी तरह की असुविधा नहीं होती.

योग का चौथा नियम

चौथा नियम है योग की शुरुआत प्रार्थना या वंदना से. ऐसा करने से मस्तिष्क में अच्छे विचार आते हैं और मानसिक रूप से योग के लिए तैयार होना आसान होता है.

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योग का पांचवां नियम

पांचवां नियम है योगासन को धीरे-धीरे और सतर्कता के साथ करना. योग की गति तेज नहीं होनी चाहिए. धीरे-धीरे आसन करने से मांसपेशियों और जोड़ों को चोट से बचाया जा सकता है और शारीरिक लाभ भी बेहतर मिलता है.

योग का छठवां नियम

छठा नियम है स्ट्रेचिंग और वॉर्म-अप करना. योगासन शुरू करने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करना मांसपेशियों को गर्म करता है और चोट लगने की संभावना कम करता है.

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योग का सातवां नियम

सातवां नियम है सही तकनीक और मुद्रा का अभ्यास. किसी भी नए योगासन को पहली बार करते समय ध्यान से सीखना जरूरी है. गलत मुद्रा से शरीर को नुकसान हो सकता है.

योग का आठवां नियम

आठवां नियम है सही कपड़े पहनना. ढीले और आरामदायक कपड़े पहनना योग के लिए जरूरी है ताकि आसन करते समय शरीर को पूरी स्वतंत्रता मिले और रक्त संचार ठीक से हो.

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योग का नौवां नियम

नौवां नियम है सांस पर ध्यान देना. योग में श्वास का नियंत्रण बहुत अहम है. सही ढंग से सांस लेने से शरीर में ऊर्जा का संतुलन बना रहता है और मानसिक शांति मिलती है.

योग का दसवां नियम

दसवां नियम है योगाभ्यास के बाद विश्राम करना. सभी आसनों के बाद शरीर और मस्तिष्क को आराम देना जरूरी है. इससे शरीर में तनाव नहीं रहता और योग का पूरा लाभ मिलता है.

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योग के ये नियम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाते हैं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन भी बनाए रखते हैं. इससे तनाव, चिंता और थकान जैसी समस्याओं से छुटकारा मिलता है.


 

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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