- गुरुग्राम में एक 13 वर्षीय नौवीं कक्षा की छात्रा ने परीक्षा के दबाव और सामाजिक अलगाव के कारण आत्महत्या की
- छात्रा ने अपनी डायरी में परीक्षा की तैयारी में असमंजस और दोस्तों से दूरी बनाने का उल्लेख किया था
- घटना बुधवार रात को हुई, जब छात्रा ने अपने कमरे में छत के पंखे से फांसी लगाई थी
'कल एग्जाम है, समझ नहीं आ रहा है कि पढ़ाई कहां से शुरू करू... मैं अपने सोशल सर्कल से भी बाहर हो गई हूं.' सोशल सर्कल से बाहर होने का दुख और परीक्षा के डर ने एक 13 साल की मासूम बच्ची की जान ले ली. वह नौंवी क्लास में थी और एग्जाम का डर उसने अपने दिमाग पर इतना हावी कर लिया था कि फांसी के फंदे से झूल गई. मामला दिल्ली से सटे गुरुग्राम का है. गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि एक 13 वर्षीय लड़की ने कथित तौर पर अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बच्ची किस मानसिक परिस्थिति से गुजर रही थी, वह उसने अपनी डायरी में लिखा है.
छत के पंखे से लटकर लगाई फांसी
बच्ची के कमरे से पुलिस को एक डायरी बरामद हुई है, जिसमें उसने लिखा था- वह पढ़ाई के दबाव में थी और अपने सोशल सर्कल से अलग हो गई थी. पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार रात को हुई जब अदिति अपने कमरे में सोने गई थी. अगली सुबह, उसकी मां उसे जगाने के लिए उसके कमरे में गई, लेकिन दरवाजा बंद पाया. बार-बार बुलाने पर भी बेटी ने दरवाजा नहीं खोला. खिड़की से देखने पर उसकी मां ने उसे छत के पंखे पर फंदे से लटका हुआ पाया. इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी, जिसने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
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डायरी में बयां किया दर्द
पुलिस ने लड़की के कमरे से एक डायरी बरामद की है, जिसमें उसने लिखा था कि गुरुवार को उसका एग्जाम है और उसे समझ नहीं आ रहा कि पढ़ाई कहां से शुरू करे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि उसने अपनी डायरी में दोस्तों से दूरी बनाने का भी जिक्र किया है. इन दोनों का ही उसके दिमाग पर गहरा असर पड़ा था, जिसका परिणाम सुसाइड के रूप में शायद सामने आया. एएसआई महेंद्र सिंह ने कहा, 'लड़की के माता-पिता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है. लड़की के मोबाइल फोन की भी जांच की गई है. उसने अपनी डायरी में पढ़ाई के दबाव के बारे में लिखा है. हम मामले की जांच कर रहे हैं.'
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अदिति अपने परिवार के साथ अप्रैल में लखनऊ से गुरुग्राम आई थी और नौवीं कक्षा में एक निजी स्कूल में दाखिला लिया था. पुलिस ने बताया कि उसकी मां हरदोई के एक सरकारी विभाग में काम करती हैं और उसके पिता बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं. ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि फैमिली गुरुग्राम में शिफ्ट क्यों हुई थी?
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