गुजरात में 28,200 लीटर ईंधन जब्त! पेट्रोल-डीजल माफियाओं पर सरकार का एक्शन 

गुजरात के कडोदरा में पेट्रोल-डीजल माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में 28,200 लीटर ईंधन जब्त किया गया. सूरत ग्रामीण पुलिस की रेड में अवैध तरीके से टैंकर से ईंधन निकालकर बेचने का खुलासा हुआ. इस मामले में मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं.

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Gujarat Fuel Mafia Raid: गुजरात में पेट्रोल-डीजल माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 28,200 लीटर ईंधन जब्त किया है. कडोदरा इलाके में हुई इस छापेमारी ने लंबे समय से चल रहे अवैध धंधे का पर्दाफाश कर दिया. सरकार के सख्त निर्देशों के बाद तेज हुई निगरानी का ही नतीजा है कि यह बड़ा रैकेट सामने आया, जिसमें कई लोगों की मिलीभगत का खुलासा हुआ है.

सरकार की सख्ती के बाद तेज हुई कार्रवाई

इन दिनों सरकार ईंधन की बचत और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए अभियान चला रही है. इसी क्रम में सूरत ग्रामीण पुलिस की एलसीबी टीम ने कडोदरा में बड़ी रेड की. कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को इनपुट मिला था कि इलाके में पेट्रोल-डीजल की चोरी कर अवैध तरीके से बेचने का काम चल रहा है.

‘हरि ओम पार्किंग' पर छापा, खुला बड़ा रैकेट

पुलिस ने कडोदरा स्थित ‘हरि ओम पार्किंग' पर छापेमारी की, जहां से पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ. यहां टैंकर खड़े कर उनसे पेट्रोल और डीजल निकालकर अवैध रूप से बेचा जाता था. मौके पर पहुंची टीम ने पूरा ऑपरेशन पकड़ लिया.

मास्टरमाइंड सहित तीन आरोपी गिरफ्तार 

इस कार्रवाई में पुलिस ने मास्टरमाइंड नरेंद्र कुमार बघेल सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. उसके साथ मनोज सेवक और टैंकर चालक सुजीत कुमार भी पकड़े गए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये लोग मिलकर लंबे समय से इस धंधे को चला रहे थे.

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28,200 लीटर ईंधन से भरा टैंकर बरामद

छापेमारी के दौरान एक टैंकर से करीब 28,200 लीटर पेट्रोल बरामद किया गया. यह टैंकर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) को सौंप दिया गया है. इतनी बड़ी मात्रा में ईंधन बरामद होना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह कोई छोटा मामला नहीं, बल्कि बड़े स्तर का नेटवर्क था.

टैंकर चालकों से मिलीभगत का खुलासा

जांच में यह भी सामने आया है कि टैंकर चालकों की मिलीभगत से ही यह चोरी होती थी. टैंकर को पार्किंग में लाकर उसमें से ईंधन निकाला जाता और फिर उसे बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था. यानी पूरी योजना सोची-समझी और संगठित तरीके से चल रही थी.

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फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी का यह ईंधन किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाता था. साथ ही नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है, इसकी भी जांच की जा रही है. कडोदरा पुलिस और एलसीबी की टीम मिलकर पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

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