श्री श्री रवि शंकर जी ने बताया वेज या नॉनवेज फूड क्या है आपके लिए?

Veg Or Non Veg Which Is Best : शाकाहार सिर्फ एक खाने की आदत नहीं, एक समझदारी भरा और जागरूक जीवन जीने का तरीका है यह सेहत, सोच और संवेदनाओं - तीनों को छूता है आज जब दुनिया बदलाव की ओर बढ़ रही है, ऐसे में अगर हम एक छोटा-सा कदम लेकर शाकाहारी जीवनशैली अपनाएं.

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क्या वेज खाना बनाता है कमजोर? जानें क्या हैं श्री श्री के विचार

Veg Or Non Veg Which Is Best : आजकल के समय में जब हर कोई सेहत, मानसिक शांति और आंतरिक स्थिरता की तलाश में है, तब यह सवाल और भी अहम हो जाता है कि हम क्या खा रहे हैं खाना केवल स्वाद या परंपरा का हिस्सा नहीं रह गया, अब यह आपकी सोच, ऊर्जा और जीवनशैली को सीधे तौर पर प्रभावित करता है. खासकर जब बात होती है शाकाहारी बनाम मांसाहारी भोजन की, तो ये बहस सिर्फ खाने की नहीं, बल्कि सोच और जीवन जीने के नजरिए की भी बन जाती है. आइए जानते हैं श्री श्री रवि शंकर जी से.

वेज या नॉनवेज क्या है अच्छा (Veg Or Non Veg Which Is Best)

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मांसाहार और ध्यान-योग में टकराव क्यों होता है?

जो लोग ध्यान, योग और आत्मिक विकास की ओर बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए हल्का, सरल और पचने में आसान भोजन ज्यादा फायदेमंद होता है मांसाहारी खाना पेट में लंबे समय तक रुकता है और शरीर में ऐसे तत्व पैदा करता है जो आलस्य, चिड़चिड़ापन और थकान को बढ़ा सकते हैं.

इसके उलट, हरा-भरा और ताजा शाकाहारी भोजन शरीर को न सिर्फ ऊर्जा देता है, बल्कि मन को भी शांत और साफ रखता है कई योग शिक्षक और साधक मानते हैं कि शाकाहार अपनाने के बाद ध्यान लगना और मन का नियंत्रण आसान हो जाता है.

क्यों बड़े विचारक शाकाहार की ओर झुकते हैं?

इतिहास उठाकर देखें तो कई महान वैज्ञानिक, कलाकार और खोजकर्ता शाकाहारी रहे हैं आइंस्टीन से लेकर टेस्ला तक, इन लोगों ने माना कि शाकाहार न केवल शरीर को हल्का रखता है, बल्कि दिमाग को भी तेज करता है.

आज के दौर में भी बहुत से इनोवेटर और उद्यमी शाकाहार को अपनी सफलता का एक अहम कारण मानते हैं वे इसे मानसिक स्पष्टता, करुणा और संतुलित जीवन का जरिया मानते हैं.

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क्या शाकाहार कमजोर बनाता है?

यह एक आम गलतफहमी है कि मांस न खाने से ताकत कम हो जाती है लेकिन ज़रा सोचिए - हाथी, बैल, घोड़ा, भैंस - ये सभी जानवर पूरी तरह शाकाहारी होते हैं, फिर भी इनमें अपार ताकत होती है. शरीर को ताकत देने के लिए जरूरी है संतुलित खाना, जिसमें दालें, फल, सब्जियां, बीज और साबुत अनाज शामिल हों सोया, मूंगफली, चना, पालक, तिल, अलसी जैसे शाकाहारी स्रोतों से भरपूर प्रोटीन और पोषण मिल सकता है.

पर्यावरण और करुणा की भूमिका

शाकाहार न केवल शरीर के लिए अच्छा है, बल्कि धरती के लिए भी मांस उत्पादन में भारी मात्रा में पानी, अनाज और जमीन लगती है, और इससे प्रदूषण भी बहुत फैलता है इसके साथ ही जानवरों के प्रति दया और करुणा भी इस जीवनशैली का एक बड़ा पहलू है. जब हम किसी जीव की जान बचा सकते हैं और फिर भी भरपूर पोषण पा सकते हैं, तो क्यों न वह रास्ता अपनाएं?

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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