Hari Moong ke Laddu: गर्मी में बस 1 लड्डू खाएं, थकान, कमजोरी और कब्ज से राहत पाने के लिए ट्राई करें ये हेल्दी रेसिपी

Hari Moong Ka ladoo: गर्मी के मौसम आते ही शरीर जल्दी थकने लग जाता है और कई लोगों को कमजोरी, सुस्ती, कब्ज और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं. ऐसे समय में डाइट में ऐसी चीजें शामिल करना जरूरी होता है जो हल्की भी हों और पोषण से भरपूर भी हों. साबुत मूंग के लड्डू भी ऐसे ही हेल्दी ऑप्शन हैं.

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Hari Moong Ka ladoo
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Hari Moong Ka ladoo: हरी मूंग से बने लड्डू कई घरों में ताक़त और एनर्जी के लिए बनाए जाते हैं. ये सिर्फ स्वादिष्ट नहीं होते, बल्कि पौष्टिक भी माने जाते हैं. पारंपरिक रसोई में इन्हें हल्का, पेट‑फ्रेंडली और दिनभर एनर्जी देने वाला देसी स्नैक समझा जाता है. यहां जानिए हरी मूंग के लड्डू बनाने की आसान रेसिपी और इन्हें खाने के पारंपरिक कारण.

गर्मी के मौसम में शरीर जल्दी थक जाता है और कई लोगों को कमजोरी, सुस्ती, कब्ज और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं. तेज धूप, पसीना और बदलता खानपान शरीर की ऊर्जा को कम कर देता है. ऐसे समय में डाइट में ऐसी चीजें शामिल करना जरूरी होता है जो हल्की भी हों और पोषण से भरपूर भी हों. साबुत हरी मूंग से बने लड्डू एक आसान और देसी विकल्प हैं. ये लड्डू स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को एनर्जी देने में मदद कर सकते हैं और रोजाना की थकान को कम करने में सहायक हो सकते हैं.

हरी मूंग के लड्डू क्या हैं?

हरी मूंग के लड्डू साबुत हरी मूंग दाल से बनने वाली एक पारंपरिक देसी मिठाई हैं, जिन्हें घी, मिश्री या गुड़ और ड्राई फ्रूट्स के साथ तैयार किया जाता है. ये लड्डू ना सिर्फ स्वाद में अच्छे लगते हैं, बल्कि घर की रसोई में इन्हें पोषक स्नैक के तौर पर भी देखा जाता है.
हरी मूंग दाल को भूनकर और पीसकर बनाए जाने वाले ये लड्डू लंबे समय तक टिकने वाले होते हैं, इसलिए कई घरों में इन्हें पहले से बनाकर रखा जाता है.

हरी मूंग के लड्डू घरों में क्यों बनाए जाते हैं?

हरी मूंग के लड्डू कई घरों में परंपरागत तौर पर बनाए जाते हैं, खासकर तब जब शरीर को हल्का लेकिन एनर्जी देने वाला खाना चाहिए. पुराने समय में जब बाजार के स्नैक्स आम नहीं थे, तब इस तरह के देसी लड्डू रोजमर्रा की थकान में खाए जाते थे. 

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इन्हें इसलिए भी पसंद किया जाता है क्योंकि ये पेट पर भारी नहीं लगते और कम मात्रा में भी संतुष्टि देते हैं. यही वजह है कि कई परिवारों में इन्हें बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए भी बनाया जाता है.

क्यों खास हैं हरी मूंग के लड्डू? (Benefits Of Eating Hari Moong Ka Ladoo)

  • साबुत हरी मूंग दाल को सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है.
  • इसमें प्रोटीन (Protein), फाइबर (Fibre) और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं.
  • गर्मियों में यह पेट के लिए हल्की मानी जाती है.
  • इसमें बादाम, काजू और खरबूजे के बीज मिलाने से इसके पोषण गुण और बढ़ जाते हैं.
  • ये सभी ड्राई फ्रूट्स शरीर को ताकत देने और कमजोरी दूर करने में सहायक माने जाते हैं.

हरी मूंग का लड्डू बनाने के लिए जरूरी सामग्री- (Ingredients For Making Hari Moong Ka ladoo)

  • 1 कप साबुत हरी मूंग दाल
  • 10 से 12 बादाम.
  • 8 से 10 काजू.
  • 1 बड़ा चम्मच खरबूजे के बीज.
  • 5 बड़े चम्मच देसी घी.
  • 1 कप मिश्री.
  • आधा कप फ्रेश क्रीम.
  • 1 छोटा चम्मच इलायची पाउडर.

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वीडियो देखें-

हरी मूंग का लड्डू बनाने का तरीका- (How To Make Hari Moong Ka Ladoo)

  1. सबसे पहले साबुत हरी मूंग को साफ करके धीमी आंच पर अच्छी तरह भून लें. इसे तब तक भूनें जब तक हल्की खुशबू न आने लगे. अब इसे ठंडा करके मिक्सर में पीस लें. इसके बाद बादाम, काजू और खरबूजे के बीज को हल्का भूनकर छोटे टुकड़ों में काट लें.
  2. अब एक कढ़ाई में घी गर्म करें और उसमें पिसी हुई मूंग डालकर फिर से कुछ मिनट भूनें. जब मिश्रण सुनहरा होने लगे, तब इसमें कटे हुए मेवे डालें. इसके बाद मिश्री को पीसकर डालें और अच्छी तरह मिलाएं. अब इसमें फ्रेश क्रीम और इलायची पाउडर डालकर मिक्स करें.
  3. जब मिश्रण हल्का गुनगुना रह जाए, तब हाथों से छोटे-छोटे लड्डू बना लें. जरूरत लगे तो थोड़ा और घी मिलाया जा सकता है.

इन्हें कितनी मात्रा में खाया जाता है

हरी मूंग के लड्डू आमतौर पर दिन में स्नैक के रूप में खाए जाते हैं. कई लोग इन्हें सुबह नाश्ते के बाद या फिर शाम की हल्की भूख में लेना पसंद करते हैं. 

मात्रा की बात करें तो एक समय में 1 छोटा लड्डू काफी माना जाता है, क्योंकि ये घी और दाल से बने होते हैं. संतुलन बनाए रखने के लिए इन्हें सीमित मात्रा में ही शामिल करना बेहतर होता है.

हरी मूंग के लड्डू कब खाए जाते हैं?

हरी मूंग के लड्डू आमतौर पर दिन में स्नैक के रूप में खाए जाते हैं. इन्हें सुबह नाश्ते के बाद, दोपहर में हल्की भूख लगने पर या शाम के समय चाय के साथ लिया जाता है. कई घरों में इन्हें खासतौर पर तब खाया जाता है, जब कुछ हल्का लेकिन पेट भरने वाला देसी स्नैक चाहिए.

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क्या हरी मूंग के लड्डू रोज़ खाए जा सकते हैं?

हरी मूंग के लड्डू रोज़ खाए जा सकते हैं, लेकिन सीमित मात्रा में. चूंकि ये घी और दाल से बने होते हैं, इसलिए रोज़ 1 छोटा लड्डू लेना पर्याप्त माना जाता है. संतुलन बनाए रखने के लिए इन्हें बाकी खान‑पान के साथ ही शामिल करना बेहतर रहता है.

हरी मूंग के लड्डू बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए कैसे फायदेमंद माने जाते हैं?

हरी मूंग के लड्डू बच्चों और बुज़ुर्गों के लिए इसलिए पसंद किए जाते हैं क्योंकि ये पारंपरिक रूप से हल्के और आसानी से खाने योग्य माने जाते हैं. इनमें मौजूद दाल और ड्राई फ्रूट्स इन्हें एक ऐसा देसी विकल्प बनाते हैं, जिसे कम मात्रा में भी खाया जा सकता है और जो बाजार के प्रोसेस्ड स्नैक्स की तुलना में ज्यादा संतुलित माना जाता है.

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इस बात का रखें ध्यान

ये लड्डू पौष्टिक जरूर हैं, लेकिन इन्हें किसी बीमारी का हल नहीं माना जाना चाहिए. गर्मी में इन्हें सीमित मात्रा में खाएं और अपनी सेहत के अनुसार सामग्री में बदलाव करें.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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