Coffee on Plane Dangers: हवाई यात्रा को आमतौर पर तेज, आरामदायक और सुरक्षित माना जाता है. लंबी दूरी की फ्लाइट में बैठते ही हम सीट बेल्ट लगाते हैं, स्क्रीन ऑन करते हैं और फ्लाइट अटेंडेंट से मिलने वाली चाय या कॉफी का इंतजार करने लगते हैं. कई लोगों के लिए यह सफर का छोटा-सा सुकून भरा पल होता है. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि प्लेन में मिलने वाली चाय या कॉफी आपके पेट के लिए कितनी सुरक्षित है? प्लेन में चाय या कॉफी पीनी चाहिए या नहीं?
दरअसल, उड़ान के दौरान हमारा शरीर पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहा होता है. प्लेन के अंदर की हवा बहुत सूखी होती है, ऑक्सीजन का लेवल जमीन की तुलना में कम होता है और लंबे समय तक बैठे रहने से पाचन भी सुस्त हो जाता है. ऐसे में अगर हम अनजाने में कुछ ऐसा पी लें जो शरीर को सूट न करे, तो परेशानी बढ़ सकती है. इसी वजह से अब डॉक्टर भी फ्लाइट में चाय-कॉफी पीने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं.
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प्लेन में इस्तेमाल होने वाला पानी उतना सुरक्षित नहीं:
जनरल प्रैक्टिशनर डॉ. हुमा शेख ने हाल ही में इस मुद्दे पर खुलकर बात की है. उन्होंने बताया कि प्लेन में इस्तेमाल होने वाला पानी उतना सुरक्षित नहीं होता, जितना हम आम तौर पर मान लेते हैं. वह साफ कहती हैं कि फ्लाइट में चाय, कॉफी या यहां तक कि दांत ब्रश करने के लिए इस्तेमाल होने वाला पानी भी सोच-समझकर ही लेना चाहिए.
डॉ. हुमा शेख के मुताबिक, प्लेन का पानी किसी ताजे स्रोत से सीधे नहीं आता. यह एयरक्राफ्ट के अंदर लगी एक बड़ी स्टोरेज टंकी में रखा जाता है. यहीं से गैलरी (किचन एरिया) तक पानी पहुंचता है, जहां उससे चाय और कॉफी बनाई जाती है. समस्या यह है कि इन टंकियों और पाइप्स को पूरी तरह साफ रखना आसान नहीं होता.
क्या कहती हैं स्टडीज?
कई स्टडीज में यह बात सामने आ चुकी है कि प्लेन की पानी की पाइपलाइन के अंदर बैक्टीरिया, कोलीफॉर्म और बायोफिल्म जैसी परतें पाई गई हैं. बायोफिल्म एक चिपचिपी परत होती है, जिसमें सूक्ष्म जीवाणु पनपते रहते हैं. एक बार यह परत बन जाए, तो इसे पूरी तरह खत्म करना काफी मुश्किल हो जाता है. यही वजह है कि पानी देखने में साफ लगने के बावजूद पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता.
अक्सर लोग यह सोचकर निश्चिंत हो जाते हैं कि चाय या कॉफी बनाने के लिए पानी उबाला जाता है, इसलिए कोई खतरा नहीं होगा. लेकिन डॉ. हुमा शेख बताती हैं कि प्लेन में पानी आमतौर पर सिर्फ 70 से 80 डिग्री सेल्सियस तक ही गर्म किया जाता है. यह तापमान सभी बैक्टीरिया को मारने के लिए पर्याप्त नहीं होता. इसी कारण कई फ्लाइट क्रू मेंबर्स भी पानी की टंकी से बने गर्म ड्रिंक्स पीने से बचते हैं.
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डर नहीं, समझदारी जरूरी:
हालांकि इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि प्लेन में चाय या कॉफी पीते ही आप गंभीर रूप से बीमार पड़ जाएंगे. डॉक्टर साफ कहती हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन, अगर आप समझदारी से अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि फ्लाइट में सिर्फ बोतलबंद पानी ही पिएं. बोतलबंद पानी एक सुरक्षित विकल्प होता है और शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है.
डॉ. हुमा शेख का मानना है कि सादा पानी जहरीला नहीं होता, लेकिन 35,000 फीट की ऊंचाई पर हमारा पेट पहले से ही संवेदनशील होता है. ऐसे में किसी भी तरह का रिस्क लेना समझदारी नहीं है. हाइड्रेशन बहुत जरूरी है, लेकिन सुरक्षित तरीके से.
आखिर में उनकी सलाह साफ है, डरकर नहीं, समझदारी से यात्रा करें. फ्लाइट में बोतलबंद पानी पिएं, शरीर की जरूरतों को समझें और छोटी-छोटी सावधानियों से अपने सफर को सेहतमंद बनाएं.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














