क्रैब खाने के शौकीन हैं? इस खतरनाक क्रैब को भूलकर भी न खाएं, वरना जा सकती है जान!

कुछ रीफ में पाए जाने वाले केकड़े शरीर में खतरनाक न्यूरोटॉक्सिन जमा कर लेते हैं जो पकाने से भी नष्ट नहीं होते. इनका खाने पर लकवा और सांस रुकने जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है, इसलिए ऐसे क्रैब से बचना बेहद जरूरी है.

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क्रैब खाने के शौकीन हैं? इस खतरनाक क्रैब को भूलकर भी न खाएं.

सीफूड (sea food) को अक्सर टेस्टी और पौष्टिक माना जाता है, लेकिन हमेशा ऐसा हो यह जरूरी नहीं. कुछ रीफ (coral reef) में रहने वाले केकड़े, जिन्हें “डेविल क्रैब” कहा जाता है, बेहद खतरनाक न्यूरोटॉक्सिन अपने शरीर में जमा कर लेते हैं. ये दिखने में बिल्कुल साधारण केकड़ों जैसे लगते हैं, इसलिए लोग पहचान नहीं पाते और अनजाने में इन्हें खाने का रिस्क उठा लेते हैं.

डेविल क्रैब क्या होता है? (What is Devil Crab?)

कुछ समुद्री रीफ में रहने वाले केकड़े, जैसे Zosimus Aeneus, अपने शरीर में जहर जमा कर लेते हैं. खास बात यह है कि ये खुद जहर नहीं बनाते, लेकिन जो जहरीले जीव ये खाते हैं, उनके टॉक्सिन इनके शरीर में इकट्ठा होते जाते हैं. यही वजह है कि ये देखने में साधारण लगते हैं, मगर बेहद खतरनाक हो सकते हैं.

कौन-से जहर होते हैं मौजूद? (Which Toxins Are Present?)

इन केकड़ों में अक्सर टेट्रोडोटॉक्सिन और कभी-कभी सैक्सिटॉक्सिन पाए जाते हैं. ये दोनों ही हीट स्टेबल Heat-Stable होते हैं, यानी पकाने या उबालने से भी पूरी तरह नष्ट नहीं होते. इसलिए फ्रेश या अच्छे से पकाया हुआ होना भी सेफ्टी की गारंटी नहीं होती.

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शरीर पर असर कैसे पड़ता है? (How Do They Affect the Body?)

ये टॉक्सिन नसों के सोडियम चैनल्स (sodium channels) को ब्लॉक कर देते हैं, जिससे नर्व सिग्नलिंग रुक जाती है. इसके चलते शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे काम करना बंद कर सकती हैं.

लक्षण क्या होते हैं? (What Are the Symptoms?)

खाने के बाद मिनटों या घंटों में इसके लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे:

  • होंठ या जीभ सुन्न होना
  • उल्टी, चक्कर
  • बोलने या निगलने में दिक्कत
  • शरीर में कमजोरी
  • सांस लेने में परेशानी

गंभीर मामलों में सांस लेने वाली मांसपेशियां भी प्रभावित हो सकती हैं, जिससे Respiratory Failure का खतरा बढ़ जाता है. तुरंत इलाज न मिलने पर व्यक्ति की जान भी जा सकती है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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